कोटा में फंसे मप्र के छात्रों को लेकर बसे रवाना
भोपाल. राजस्थान के कोटा में मप्र के फंसे 3191 छात्र-छात्राओं को आज शाम तक भोपाल आना शुरू हो जायेंगे। पहली बस सिंगरोली जिले के छात्रों को लेकर कोटा से रवाना हो गयी है। इसके दोपहर तक शिवपुरी सीमा में पहुंचने की संभावना है। शिवपुरी के अधिकारी मेडीकल टीम के साथ सीमा पर पहुंचेंगे। बसों को जिलों की दूरी के हिसाब से रवाना किया जा रहा है, ताकि दूर के जिले वाले छात्र-छात्राओं को परेशान नहीं होना पड़े।
लॉकडाउन फेज.2 का आज आठवां दिन है। प्रदेश में अब तक कुल 1552 संक्रमित हैं। इंदौर में 915 और भोपाल में 284 मरीज मिले। प्रदेश में 80 लोगों की मौत हो गई हैए इसमें सबसे ज्यादा 52 इंदौर से हैं। लॉकडाउन में ढील के चलते जनजीवन सामान्य होने लगा है। वहींए रायसेन के जिस मुस्लिम बाहुल्य अल्ली गांव में 10 जमातियों में कोरोना की पुष्टि हुईए वहां सैंपल लेने और सर्वे करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में घुसने नहीं दिया गया। टीम को सूचना मिल चुकी थी कि अगर वे गांव में गए तो उन पर हमला हो सकता है। टीम खेत में करीब ढाई घंटे बैठने के बाद वापस आ गई।
कोटा में जिले के अधिकारियों को बच्चे सुपुर्द किये
हर जिले से एक टीम अपने.अपने जिले के छात्र.छात्राओं के लेने के लिए राजस्थान की सीमा से सटे जिलों के बॉर्डर पर पहुंच रही है। यहां से बच्चों को जिलों के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
इसके लिए हर जिले में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर दिए गए हैं। सभी छात्र.छात्राओं की मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद उन्हें अपने जिले के लिए रवाना किया जाएगा।
बॉर्डर से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद छात्र.छात्राएं अपने जिले के मुख्यालय पर पहुंचेंगे। इसमें काफी समय लग सकता है। यहां उन्हें अलग.अलग स्थानों पर 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जाएगा।
भोपाल में बनाया स्टेट का कन्ट्रोल रूम
कोटा से छात्रों को लेकर मप्र में आने वाली बसों पर निगरानी रखने के लिये और रास्ते में कोई परेशानी न हो इसके लिये भोपाल में स्टेट लेवल का कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। 6 कर्मचारी इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसका हेल्पलाईन नम्बर 0755-2597279 है। इसके अलावा टोली फ्री नम्बर 1099 पर भी जानकारी ली जा सकती है। यहां से अन्य जिलो के नम्बर पर भी ले सकते हैं।
