मप्र मंत्रिमंडल के लिए दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार

भोपाल. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शपथ लिए करीब एक महीना होने को आ रहा है लेकिन अब तक उनका मंत्रिमंडल गठित नहीं हो पाया। कोरोना संकट के चलते मंत्रिमंडल की शपथ लगातार टल रही है। इसकी मूल वजह दिल्ली से भाजपा हाईकमान की हरी झंडी का इंतजार भी है।
भाजपा में से किसे छोड़े किसे रखें धर्मसंकट बना
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों के नाम पर दो राय नहीं है लेकिन दिग्गज भाजपाइयों में से किसे रखें और किसे छोड़ें यह धर्मसंकट बना हुआ है। प्रदेश में होली के पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई थी और अल्पमत में आने के बाद कमलनाथ सरकार की विदाई हो गई। 23 मार्च को चौथी बार बतौर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शपथ ग्रहण कर ली लेकिन प्रदेश में कोरोना संकट की भयावहता देखते हुए मंत्रिमंडल गठन का मामला टलता गया। अब सिंधिया समर्थकों के अलावा भाजपा के पुराने और दिग्गज नेताओं का भी दबाव बढ़ने लगा है इसलिए संभावना जताई जा रही है कि 20 अप्रैल के बाद तारीख का फैसला कर दिया जाएगा।
65 की उम्र का बंधन भी रखने की चर्चा है
65 साल की उम्र का बंधन मंत्रिमंडल गठन के लिए भाजपा एक फार्मूला पर भी काम कर रही है ताकि मंत्रिमंडल गठन के बाद असंतोष न बढ़ पाए। इसमें 65 की उम्र का बंधन भी रखने की चर्चा है इसके अलावा क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के हिसाब से संतुलन बनाने की कवायद चल रही है।

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