अचलेश्वर मंदिर जीर्णोद्वार-मंदिर का शिखर चढ़ाने में लगे 2 घंटे, यातायात किया गया डायवर्ट

ग्वालियर. अचलेश्वर मंदिर के शिखर का पत्थर शुक्रवार को रखा गया है क्रेन की मदद से शिखर की शिला चढ़ाई गयी। शिला चढ़ाने के लिये क्रेन का इस्तेमाल किया गया। शिला चढ़ाने में लगभग 2 घंटे का समय लगा। एहतियात के तौर पर यातायात का डायवर्ट किया गया था। अचलेश्वर मंदिर की शिखर की शिला चढ़ाये जाने से पूर्व विधिवर्त शिला के साथ-साथ शिखर के आधार का भाग का पूजन चांदी के 2 सिक्के शिला के नीचे रखकर किया गया। पूजन के समय मंदिर जीर्णोद्वार समिति के संयोजक हरीबाबू शिवहरे, नरेन्द्र सिंघल, बसंत शर्मा, अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय कब्जू, सचिव सोनू बाजपेई आदि मौजूद थे। श्रीअचलेश्वर न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्वार नागर शैली और भौमिक स्वरूप में किया जा रहा है।
मंदिर का निर्माण कार्य अगस्त 2017 में प्रारंभ किया गया था और इसकी लागत 3 करोड़ 11 लाख रूपये थी। जीर्णोद्वार कार्य वर्ष 2019 में पूरा होना लेकिन पहले यातायात की परेशानी और इसके बाद कोरोना की वजह से निर्माण कार्य टलता रहा है। इस वर्ष मई मेंनिर्माण कार्य कोरोना काल के बाद पुनः शुरू किया। महाशिवरात्रि तक अचलेश्वर मंदिर नये स्वरूप में आने का अनुमान है।

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