भोपाल की शादीशुदा युवती को ग्वालियर में 45 दिन बंधक बनाकर किया रेप, छूटी तो कराई एफआईआर
ग्वालियर. भोपाल से नरसिंहगढ़ (राजगढ़) की शादीशुदा को अपहरण कर ग्वालियर में 45 दिन तक बंधक बनाकर रेप का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय पीडि़ता भोपाल के बैरसिया बस स्टैण्ड पर मायके जाने के लिये बस का इंतजार कर रही थी। पहचान के ही आरोपी ने उसे अपहरण कर कार से ग्वालियर ले आये। वहां एक मकान में बंधक बनाकर रखा। 26 अक्टूबर को आरोपियों के चंगुल से छूटकर युवती ने दूसरे दिन यानी 27 अक्टूबर को भोपाल पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परिजन ने बैरसिया थाने में गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई है।
क्या है पूरा घटनाक्रम
नरसिंहगढ़ की रहने वाली युवती की शादी बैरसिया के तरावली इलाके में हुई है। उसने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को वह ससुराल से मायके जाने के लिए बैरसिया बस स्टैंड पर पहुंची। बस छूटने में टाइम थाए इस वजह से वह वहां नाश्ता करने लगी। इसी बीच कार से पहचान के 2 युवक अशोक नट और खेमू नट आए। दोनों ने उससे कहा कि वे भी नरसिंहगढ़ जा रहे हैं। साथ चलो। समय और किराया दोनों बच जाएगा। वह उनकी बातों में आकर कार में बैठ गई। रास्ते में आरोपियों ने नरसिंहगढ़ वाली सड़क पर कार न ले जाते हुए नजीराबाद की तरफ मोड़ दी। विरोध किया तो उसे पीटा गया। इसके बाद आरोपी उसे ग्वालियर के बदनापुर ले गए। बदनापुर में खेमू के मकान में बंधक बना लिया। इस दौरान अशोक उससे रेप करता रहा। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 26 अक्टूबर को वह अशोक के चंगुल से छूटकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंची । इसके बाद ट्रेन में बैठकर भोपाल आई। पुलिस ने अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि खेमू नट की तलाश की जा रही है। खेमू नट अशोक की बुआ का बेटा है।
अशोक 24 घंटे पहरेदारी करता था
पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अशोक उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखे हुए था। अशोक उसकी 24 घंटे पहरेदारी करता था इस कारण से वह बाहर नहीं निकल पाती थी। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देते रहते थे। जिस घर में आरोपी ने उसे बंधक बनाकर रखे हुए था उसमें कोई नहीं रहता था।
युवती के पास नहीं था मोबाइल
पीडि़ता ने बताया कि उसके पास मोबाइल नहीं था इस वजह से वह अपने परिजनों को फोन नहीं लगा सकी। दोनों आरोपी भी उसे अपना मोबाइल नहीं देते थे। युवती ने बताया कि जिस कार उसका अपहरण हुआ था वह खेमू की थी। आरोपी खेती किसानी करते हैं।
