400 वें महोत्सव में 83 लोगों ने किया अमृतपान

ग्वालियर. किला स्थित दाताबंदी छोड़ गुरूद्वारे पर 400वें वर्ष के 3 दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को कीर्तन दरबार संजाया गया। जिसमें देश के विभिन्न गुरूद्वारों से आये हजूरी रागी जत्थों ने गुरू की महिमा का बखान किया।
मुख्य कार्यक्रम अमृतपान का था जिसमें 83 लोगों ने अमृतपान किया। इस अवसर पर दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई करनेल सिंह ने ‘‘पंज प्याले पंज पीर छठम पीर बैठा गुरू भारी अरजन काया पलट के मूरत हरगाेिवंद सवारी सबद गाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव से आनंदित हो उठे।
मंगलवार को श्री गुरू ग्रंथ साहिब की आरती के उपरांत दीवान संजाया गया। श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गुरू हरगोविंद साहिब के जीवन पर प्रकाश डाला । इस मौके पर पद्मश्री बाबा सेवा सिंह, बाबा लक्खा सिंह सहित काफी संख्या में देश भर की सिंख संगत मौजूद थी।

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