ग्वालियर दुर्घटना में मृत नगर निगम के कर्मचारियों के परिवारों को साढ़े चार. चार लाख की सहायता, मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
घायल कर्मचारी को निःशुल्क इलाज एवं 50 हज़ार की आर्थिक मदद करने के आदेश दिये गये हैं।
घटना की जाँच के आदेश
ग्वालियर शहर के महाराज बाड़ा पर आज सुबह नगर निगम की फायर हाइड्रोलिक मशीन के क्षतिग्रस्त होने से हुई दुःखद दुर्घटना में मृत नगर निगम के 3 कर्मचारियों के परिवारों को प्रदेश सरकार ने तत्काल राहत देने की घोषणा की है।
मृतक कर्मचारियों के परिजनों को उसी पद पर मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
जिले के प्रभारी मंत्री एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दुःखद घटना पर गहरा शोक जताया है। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। श्री सिलावट ने बताया इस दुर्घटना में जिन कर्मचारियों का निधन हुआ है, उनके परिजन को उसी पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही उनके परिवार को साढ़े चार- साढ़े चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायल कर्मचारी का निःशुल्क इलाज कराने के साथ-साथ 50 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस दुर्घटना की बारीकी से जाँच करने के आदेश दिए गए हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अपर कलेक्टर आशीष तिवारी को जाँच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चांटा मारने वाला गिरफ्तार
हादसे के बाद स्पॉट पर पहुंचे नगर निगम ग्वालियर के प्रभारी आयुक्त मुकुल गुप्ता को आक्रोशित भीड़ में शामिल वकील मनोज शर्मा ने चांटा मार दिया। इसके बाद पुलिस ने मनोज को हिरासत में ले लिया। वे इससे पहले एक SDM पर भी हमला कर चुके हैं।
फायर ऑफिसर से भी मारपीट
दमकल कर्मचारियों ने JAH पहुंचे दमकल के फायर ऑफिसर उमंग प्रधान के साथ भी मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि अनट्रेंड स्टाफ क्रेन पर चढ़कर काम कर रहा था।
ज्ञात हो इस दुःखद दुर्घटना में नगर निगम के कर्मचारी कुलदीप, प्रदीप व विनोद की मृत्यु हुई है। नगर निगम के कर्मचारी मंजर आलम इस दुर्घटना में घायल हुए हैं, जिनको इलाज के लिए जेएएच के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
