रिटायर्ड IAS का हत्यारा शॉर्ट एनंकाउंटर में गिरफ्तार

भोपाल. सेवानिवृत्त आइएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड के आरोपी केयर टेकर वरूणकुमार को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार की सुबह लगभग 5 बजे उसे शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पकड़ा है। उसके पैरे में पुलिस की गोली लगी है। घायल को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूछताछ ने आरोपी ने बताया है कि वह अग्रवाल के डांटने से खफा था। पुलिस ने उसे पकउ़ने के लिये 4 दिन तक सब्जी और रिक्शावाला बनकर रेकी की थी।


अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्रसिंह चौहान ने बताया कि वरूण को पकड़ने के लिये भोपाल पुलिस ने आगरा में 4 दिन तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था। रातीबड़ थाना टीआई रासबिहारी शर्मा के अनुसार झुग्गी बस्तियों में पुलिस की लगातार आवाजाही से लोगों को शक होने लगा था। इसलिये टीम ने अपनी पहचान छिपाकर निगरानी शुरू की थी। दिल्ली-मथुरा में भी पुलिस टीमें तैनात थी। आखिरकार वरूण आगरा के मथुरा रोड से पकड़ा गया।
फुटपाथ सोता था आइएएस का हत्यारा
राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद वरूण लगातार ठिकाने बदल रहा था, वह एक -दो दिन से ज्यादा किसी भी ठिकाने पर नहीं ठहरता था। ग्वालियर से आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली पहुंचा। इसके बाद हरिद्वार, ़ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली तक गया। इस बीच उसने बस, ट्रेन और ट्रकों से सफर तय किया था। उसके पास कोई स्थाई ठिकाना नहीं था। वह कबाड़ और प्लास्टिक की बोतलें बीनकर बेचता था। रात को फुटपाथ पर सोता था। पुलिस अब भी यह पता लगा रही है कि फरार के दौरान किसी ने उसकी मदद तो नहीं की। टीआई रासबिहारी शर्मा के अनुसार शुरूआती पूछताछ में वरूण ने कहा था कि अग्रवाल अक्सर उस पर चिल्लाते थे। इसी नाराजगी में उसने हत्या कीबात कहीं है। घर में एलपीजी गैस सिलेंडर का पाइप खुला छोड़ने के बारे में भी आरोपी ने गुस्से में ऐसा करने की बात कहीं। पुलिस के अनुसार उसने यह भी कहा कि उसे इस घटना से लोकप्रियता मिलने का अनुमान था।
गिरफ्तारी के समय मोबाइल नहीं मिला
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय वरुण के पास मोबाइल फोन या कोई अन्य सामान नहीं मिला। केयर टेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी और उसके वेरिफिकेशन की भी जांच की गई है। फिलहाल, एजेंसी की कोई ठोस आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है।
30 सितंबर की रात सूरज नगर स्थित घर में राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। अगली सुबह पत्नी निशी अग्रवाल ने कमरे में उनका शव देखा था। शुरुआती जांच में घर की अलमारियों का सामान बिखरा मिला था। किचन में LPG सिलेंडर का पाइप भी खुला मिला था। पुलिस को आशंका थी कि हत्या के बाद घर में आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। वारदात के बाद से ही घर में केयरटेकर के तौर पर काम करने वाला वरुण फरार था।

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