LNIPE में छात्रों ने कुलगुरू को प्रशासनिक में किया कैद, रजिस्ट्रार का इस्तीफा और छात्रा के परिवार को 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता की मांग

ग्वालियर. गोला का मंदिर थाना इलाके स्थित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) में मंगलवार को छात्रों प्रदर्शन उस वक्त और तेज हो गया। जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलगुरू को प्रशासनिक भवन में लगभग 3 घंटे तक बाहर नहीं निकलने दिया। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर भवन का गेट बंद कर दिया था। गेट के बाहर लेट गये। खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुचकर छात्रों से बातचीत की। जिसके बाद रात को लगभग 9 बजे कुलपति भवन से बाहर आ सकी।

दरअसल, एलएनआईपीई की गुवाहाटी शाखा में पश्चिम बंगाल की छात्रा श्रुति उपाध्याय की बीमारी के चलते हुई मौत के बाद छात्र पिछले 14 दिनों से धरना दे रहे है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में रजिस्ट्रार का इस्तीफा और मृतक छात्रा के परिजनों को 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देना शामिल है।
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और संस्थान के अधिकारियों ने छात्रों से चर्चा की। इस दौरान कुलगुरु ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए दिल्ली से दो दिन बाद एक टीम संस्थान पहुंचेगी। जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रशासनिक भवन का गेट खोल दिया। हालांकि, छात्रों ने आंदोलन समाप्त नहीं किया है। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। पहले दिन चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि दिल्ली से आने वाली जांच टीम की कार्रवाई यदि संतोषजनक रही, तभी भूख हड़ताल समाप्त की जाएगी। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जांच में कार्रवाई नहीं होने पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
