छात्र-छात्राओं ने कथक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की भगवान श्री गणेश की मनोहारी स्तुति
ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कथक नृत्य विभाग द्वारा 16 सितंबर 2026 को कथक कक्ष क्रमांक 13 में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ गणेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे के संरक्षण, कुलसचिव डॉ. आशुतोष खरे के मार्गदर्शन तथा कथक नृत्य विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना झा की परिकल्पना एवं निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की स्तुति “जय गणेश गणनाथ दयानिधि, सकल विघ्न कर दूर हमारे” से हुआ। इस भावपूर्ण प्रस्तुति में कथक नृत्य विभाग की छात्राओं कामाक्षी शर्मा एवं आन्या ने अपने मनोहारी नृत्य, भावाभिव्यक्ति और लयबद्ध पद-संचालन के माध्यम से प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की आराधना की।
दूसरी प्रस्तुति के रूप में लोकप्रिय गणेश आरती “शेंदूर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को, दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहर को” प्रस्तुत की गई। विभाग के छात्र-छात्राओं अभिषेक, शैलू, आन्या, मानवी, महक एवं एलाज़ा ने आकर्षक नृत्य, प्रभावशाली भाव-अभिनय और उत्कृष्ट समूह-संयोजन के माध्यम से भगवान श्री गणेश की महिमा को मंच पर सजीव कर दिया।
कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति गणेश सूक्तम् पर आधारित गणेश संकीर्तन रही—“तू सुखकारक, भय हारक, कष्ट निवारक मोरिया; मंगलमूर्ति हे गणनायक, सिद्धिविनायक मोरिया।” इस प्रस्तुति को विभाग की छात्राओं विजेता, आम्रपाली, हर्षिता एवं वैष्णवी ने अत्यंत भक्तिभाव, सौंदर्यपूर्ण मुद्राओं और प्रभावशाली कथक शैली के साथ प्रस्तुत किया।
सभी प्रस्तुतियों में कथक की लयकारी, भावाभिव्यक्ति, नृत्य-सौंदर्य, भक्ति और समूह-सामंजस्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कलाकारों ने अपनी साधना, अनुशासन और कलात्मक प्रतिभा से वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। उपस्थित गुरुजनों, छात्र-छात्राओं एवं दर्शकों ने प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों का करतल ध्वनि से उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर भगवान श्री गणेश से विश्वविद्यालय, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त समाज के सुख, समृद्धि, शांति और मंगलमय भविष्य की कामना की गई।
