करोड़ों रूपये में बिक रहे हैं पार्षद, राजस्थान में शुरू हुई रिसोर्ट पालिटिक्स
अलवर. राजस्थान में निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद अब असली राजनीति का खेल शुरू हो गया है। चुनाव में जीत दर्ज करने वाले पार्षदों को अपने-अपने पाले में बनाये रखने के लिये राजनीतिक दलों की कवायद तेज हो गयी है। कई जगहों पर जीते हुए पार्षदों को महंगे होटल और लग्जरी रिसॉर्ट में ठहराया गया है। बोर्ड बनाने के लिये जरूरी संख्या जुटाने की कोशिशों के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर निर्दलियों पार्षदों पर भी है। जीते हुए पार्षदों को लेकर राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष स्वयं पुलिस के पास पहुंचे और पार्षद चोरी का गंभीर आरोप लगाये हैं। पार्षदों की करोड़ों की बोली लगाने की भी बात सामने आ रही है।
अलवर से लेकर खैरथल, भिवाड़ी, कोटपूतली, बहरोड़ और आसपास के इलाकों के में चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक गतिविधियों तेज हो गयी है। कई जगहों पर पार्षदों की बाड़ाबंदी की खबरें सामने आयी है। कांग्रेस और भाजपा अपने -अपने पार्षदों को एक साथ रखने का प्रयास कर रही है। ताकि बोर्ड गठन के समय कोई पार्षद पाला न बदल सकें। ताजा रिपोर्टिंग में भी अलवर और जयपुर में विजयी पार्षदों का होटलों-रिसोर्ट में ठहराये जाने की जानकारी सामने आयी है। यही कारण है कि राजस्थान की स्थानीय राजनीति में इन दिनों ‘‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’’ शब्द सबसे ज्यादा चर्चाओं में है।
