ऑपरेशन सिंदूर-सर, आपने इतने ब्रह्मोस हिट किये अब ….पाक गिड़गिड़ाना

नई दिल्ली. आमतौर पर जो साइड बातचीत की पहल करती है वहीं बोलना शुरू करती है। तो पाकिस्तान के डीजीएमओ जनरल कासिफ अब्दुल्ला ने बोलना शुरू किया ट्रेडिशन के अनुसार उन्होंने मुझे सर कहा है कि क्योंकि वह भी जानते हैं कि मैं उनसे सीनियर हूं। फिर जल्द सीधे मुद्दे पर आ गये। उनको तत्काल सीजफायर चाहिये था। बल्कि उन्होंने मुझसे यह भी कहा है कि सर आपने हम पर इतने ब्रह्मोस हिट किये। अब तो आपको शांत होना चाहिये, क्यों न हम इसे रोक दें।
पाकिस्तान के 10-11 एयरबेस तबाह हो चुके थे। आतंकियों का अड्डा तहस-नहस था। उन्हें भारत से एक कम्युनिकेशन लिंक चाहिये था। लेकिन भारत का हॉटलाइन न जाने क्यों खराब हो गया था। भारत के डीजीएमओ राजीव घई डिस्कवरी चैनल पर 15 अगस्त को दिखाये गये डॉक्यूमेंट्री ‘‘डीक्लासिफाइड-ऑपरेशन सिंदूर में कहते हैं कि मर्फी लॉ ने भी अपनी भूमिका निभाई। कुछ खराबी आ गयी थी। उस हॉटलाइन में। हमने वह लाइन ठीक करवाई। उसमें तकरीबन एक सवा घंटा लगा होगा। पर तक तक हमें यह फैसला कर चुके थे कि यह सुनने में कोई हर्ज नहीं है कि पाकिस्तान डीजीएमओ क्या कहना चाहते हैं। फिर मैंने दोपहर में उनसे 3.30 मिनट पर बात की।
10 मई को इंडियन आर्मी के तत्कालीन डीजीएमओ राजीव घई और पाकिस्तान डीजीएमओ कासिफ अब्दुल्ला के बीच की बातचीत ने 88 घंटे चले ऑपरेशन के लिये सीजफायर का ड्राफ्ट तैयार कर दिया। भारतीय सेना के थ्री स्टार जनरल राजीव घई ने इस डॉक्यूमेंट्री में पाकिस्तान की जंगवंदी के लिये पैदा हुई बेकरारी को विस्तार से बताया है। वह कहते हैं कि सुबह 9 बजे या उसके आस-पास मुझे एक मैसेज आया। जो था पाकिस्तान डीजीएमओ से। मैसेज यह था कि पाकिस्तान डीजीएमओ मुझ से बात करना चाहते है। यानी अपने इंडियन कांउटरपार्ट से। आखिरकार यह फैसला किया गया कि हम किसी समय उनसे बात करेंगे। शायद उस मैसेज के मिलने के 2 घंटे बाद। मुझे विदेश मंत्रालय से कॉल आया और उन्होंने बताया कि पाकिस्तान बार-बार कॉल करने की कोशिश कर रहा है, पर कोई जवाब नहीं दे रहा है। इतनी मिन्नतों के बाद भारत ने पाकिस्तान से बात करने का फैसला लिया। कारगिल वॉर की तरह इस बार भी पाकिस्तान भारत से बचने के लिये अमेरिकी पायजामे में छिपना चाहता था।
पाकिस्तानी बेचैन थे
सुरक्षा विशेषज्ञ निखिल गोखले इसी डॉक्युमेंट्री में कहते हैं, “पाकिस्तानी बेचैन थे इंडियन एस्टैबलिशमेंट से बात करने के लिए, असीम मुनीर मार्को रुबियो से बात करना चाहते थे. रुबियो ने सुबह के 10 बजे विदेश मंत्री एस जयशंकर को कॉल किया और कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि ये वॉर रुक जाए, वो सीजफायर चाहते थे. जयशंकर साफ कर चुके थे कि भारत नहीं चाहता है कि कोई भी हमारे बीच समझौता कराए. आखिरकार मार्को रुबियो से कहा गया कि वे पाकिस्तानी DGMO को बताएं कि वे भारत के DGMO से बात करें. क्योंकि बातचीत का वही सही जरिया है.”
आखिरकार जब भारत के DGMO राजीव घई ने पाकिस्तानी काउंटरपार्ट से बात की तो पाकिस्तान तुरंत अपनी औकात पर आ गया.
सर आपने हमपर इतने ब्रह्मोस मिसाइल हिट किए
पाकिस्तानी DGMO ने पेशेवराना प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए स्पष्ट कहा, “सर आपने हमपर इतने ब्रह्मोस मिसाइल हिट किए, अब तो आपको शांत होना चाहिए. और क्यों न हम इसे रोक दें.”
आपने बहुत डैमेज कर दिया
भारत के टॉप मॉस्ट सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल कहते हैं, “उन्होंने हमसे बार बार रिक्वेस्ट की, उन्होंने कहा-बहुत हो गया, आपने बहुत डैमेज कर दिया, अब सीजफायर कर लीजिए, हमने ये बात मान ली, हमने उनसे कहा- देखिए हम इस बात को खींचना नहीं चाहते हैं.”राजीव घई ने कहा कि आधे घंटे के बाद हम इस बात पर राजी हो गए कि शाम 5.30 बजे के बाद हम हमले रोक देंगे. आखिरकार ऑपरेशन सिंदूर अपने मुकाम पर आ गया.हालांकि अजित डोभाल ने भारत का मैंडेट दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया, “दुनिया के सामने मैसेज साफ था, इंडिया की अच्छाई को, इंडिया की टॉलरेंस को आप हमारी कमजोरी समझने की गलती न करें. इंडिया नहीं सहेगा, इंडिया जवाब देगा, फिर चाहे नतीजा जो भी हो.”
उसी वक्त मैंने ट्रिगर दबाया
वो पल कैसा था जब घड़ी की सुई ने 7 मई की रात के 1 बजकर 05 मिनट बजाए? ऑपरेशन सिंदूर के वक्त नॉर्दन कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा कहते हैं- मैं DGMO को कहते हुए सुन रहा था- फर्स्ट हिट, सेकंड हिट, थर्ड हिट, फोर्थ हिट. उससे पता चल रहा था कि कहीं पर कोई गड़बड़ या देरी नहीं हुई.
आतंकियों के अड्डे बहावलपुर पर हमले की दास्तान सुनाते हुए एक सैन्य अधिकारी कहते हैं, जिन्होंने खुद इस हमले को अंजाम दिया था, “हम अपने फाइनल अटैक मोड़ में जा चुके थे, और अपने टारगेट बहावलपुर की तरफ बढ़ रहे थे. उसी वक्त मैंने ट्रिगर दबाया. और एम्युनिशन को हवा में उड़ते हुए देखा, मेरे एम्युनिशन के साथ दूसरे एम्युनिशन भी बहावलपुर की तरफ जा रहे थे.”
इस पल के बाद भारत वॉर मोड में जा चुका था. इस अधिकारी ने कहा कि हम सबके पास एक कोड़ वर्ड था और ये फैसला किया गया था कि अब कामयाब वार के बाद ये कोड वर्ड बोला जाएगा. हमें सबके कोड वर्ड सुनाई दे रहे थे. कोड वर्ड सुनकर पक्का हो गया कि सबने पाकिस्तान पर कामयाबी से हमला किया है.

 

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