ग्वालियर में जल-संकट, मेंटेनेंस कंपनी पर 50 लाख की पेनल्टी लगाई, अवैध धुलाई सेंटरों पर कसेगा शिकंजा
ग्वालियर. शहर में एक दिन छोडकर पानी की सप्लाई लागू होने के बावजूद कई वार्डों में जनता को पर्याप्त पानी नहीं मिला। इससे उपजे जन-आक्रोश पर नगर निगम ने पेयजल पाइपलाइनों के संधरण में लापरवाही और अनुबंध के अनुसार पर्याप्त कर्मचारी न लगाने पर निगमायुक्त संघ प्रिय ने मेंटेनेंस कंपनी मैसर्स विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया पर 50 लाख रुपये की पेनल्टी ठोक दी है। निगम ने यह राशि कंपनी के वर्तमान भुगतान से रोक ली है साथ ही चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में सुधार न होने पर यह राशि राजसात कर कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
पीएचई के अधीक्षण यंत्री एसएल बाथम ने बताया कि कंपनी ने अमृत योजना-1.0 के तहत वर्ष 2017 में अनुबंध कर शहर में 915 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन का जाल बिछाया था। शर्तों के अनुसार अगले 5 वर्षें तक इन पाइपलाइनों का संचालन और संधारण भी इसी कंपनी को करना था लेकिन समीक्षा में सामने आया कि कंपनी ने फील्ड में पर्याप्त प्लंबर और कर्मचारी ही तैनात नहीं किए जिससे वार्ड 34 रामबाग कॉलोनी, पारदी मोहल्ला, वार्ड 40 भूरे बाबा की बस्ती, फुट मार्केट और वार्ड 33 में हफ्तों तक पानी का संकट बना रहा।
अवैध धुलाई सेंटरों पर कसेगा शिकंजा
पेयजल व सीवर व्यवस्था की समीक्षा बैठक लेते हुए निगमायुक्त ने सभी कार्यपालन व सहायक यंत्रियों को एसी कमरों से बाहर निकलकर फील्ड में उतरने के कडे निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि शहर में कहीं भी पाइपलाइन लीकेज की सूचना मिले तो उसे हर हाल में 24 घंटे के भीतर ठीक किया जाए। इसके अलावा पीने के पानी की बर्बादी करने वाले शिंदे की छावनी, हजीरा और बहोडापुर में संचालित हो रहे अवैध कमर्शियल व्हीकल वाशिंग सेंटरों गाडी धुलाई सेंटरों को तुरंत बंद कराकर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए है।

