बिलौआ खदानों की हुई ड्रोन वीडियोग्राफी, अवैध उत्खनन का खुलासा

ग्वालियर. मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने बिलौआ और रफादपुर इलाके में हो रहे अवैध उत्खनन व परिवहन के चर्चित मामले में कड़ा रूख बरकरार रखा है। हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद पिछले शनिवार को पूरे मायनिंग इलाका क्रेशरों की कराई गयी ड्रोन वीडियोग्राफी की पेन ड्राइव हाईकोर्ट में जमा कर दी गयी है।
ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने कलेक्टर रूचिका चौहान को मंगलवार 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। सुबह 11 बजे कलेक्टर एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में इस ड्रोन वीडियोग्राफी को हाईकोर्ट रूम में देखा जायेगा। इसके बाद दोपहर लंच के बाद भी याचिका विस्तृत सुनवाई जारी रहेगी।
दरअसल, याचिकाकर्ता अकरम खान द्वारा डिफॉल्टरों की खदानों की लीज के नवीनीकरण को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने खदानों का रिकॉर्ड तलब किया, तो भारी गड़बड़ियां और तथ्य छिपाने की बात सामने आई। इसके बाद कोर्ट ने 16 खदानों में खनन पर तत्काल रोक लगा दी थी। पूरे माइनिंग और क्रशर एरिया के एक-एक इंच की वास्तविक स्थिति परखने के लिए हाईकोर्ट ने शनिवार को ड्रोन से एरियल वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए थे।

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