महज 44 सेकेंड में 1 किमी का एरिया करेगा साफ, ऐसा ऑपरेशन सिन्दूर का यह हथियार
नई दिल्ली. भारतीय सेना की सबसे खतरनाक हथियार प्रणालियों में से एक है। पिनाका मल्टीबैरल लॉंचर (MBRL) इसे डीआरडीओ ने बनाया है। यह पूरी तरह से स्वदेशी है। नाम भगवान शिव केक धनुक ‘‘पिनाक’’ से लिया गया है। यह सिस्टम दुश्मन के बड़ेू इलाके को कुछ ही सेकेण्ड में तबाह कर सकता है। हाल ही में 120 किमी रेंज वाली गाइडेड पिनाका का परीक्षण कामयाब रहा है। जो इसे और घातक बना रहा है।
पिनाका को ग्रिड इरेजर कहा जाता है। यह 1 x1 किमी के पूरे इलाके को 44 सेकेण्ड से कम समय में मिटा सकता है। महंगे मिसाइलों के मुकाबले में यह सस्ता लेकिन बहुत प्रभावी है।
अनगाइडेड से गाइडेड स्नाइपर तक
पुरानी पिनाका इलाके पर बौछार करती थी, लेकिन नई गाइडेड पिनाका सटीक निशाना लगाती है.
मार्क-1: रेंज 38-40 किलोमीटर.
मार्क-2: रेंज 60-90 किलोमीटर.
गाइडेड पिनाका: रेंज 75-90 किलोमीटर, सटीकता 10 मीटर से कम.
नई लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120): रेंज 120 किलोमीटर, 250 किलो वॉरहेड, जीपीएस + इनर्शियल नेविगेशन से सटीक हमला.
यह दुश्मन के कमांड पोस्ट, गोदाम या गहरे ठिकानों को निशाना बना सकती है.
साल्वो डॉक्ट्रिन: एक साथ भारी हमला
आधुनिक युद्ध में जीत ज्यादा गोला-बारूद फेंकने से मिलती है.
एक पिनाका लॉन्चर 12 रॉकेट सिर्फ 44 सेकंड में दाग सकता है.
एक बैटरी में 6 लॉन्चर होते हैं, जो कुल 72 रॉकेट एक साथ दाग सकते हैं.
इससे दुश्मन की एयर डिफेंस (जैसे आयरन डोम) ओवरलोड हो जाती है – इतने रॉकेट रोकना मुश्किल हो जाता है.
एक बैटरी 1000 मीटर x 800 मीटर इलाके को पूरी तरह नष्ट कर सकती है.
