8th Pay Commission में सीधे 51 हजार बढ़ेगा कर्मचारियों का वेतन, अगर सरकार ने मांनी यह मांग तो पेंशनर्स की भी होगी मौज
नई दिल्ली 8th Pay Commission की बैठकें जारी है। चेन्नई‘-पुड्डूचेरी में बैठकों के बाद अब चंडीगढ़ में 16-18 सितम्बर तक बैठकें होगी। इस दौरान सबसे बड़ी मांग की बात करें तो चेन्नई में भी फिटमेंट फैक्टर की वृद्धि 3.833 करने की मांग है। अधिकतर कर्मचारी और पेंशनर्स यूनियनों, केन्द्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा में फिटमेंट फैक्टर हाइक डिमांड सबसे ऊपर है। अ्रगर पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार इस मांग को मान लेती है तो फिर लगभग 50 लाख से अधिक केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन में बम्पर उछाल देखने को मिलेगा। लेवल-1 के कर्मचारियों के वेतन में ही इस मांग को माने जाने के बाद न्यूनतम वेतन एक झटके में लगभग 51 हजार रूपये उछाल आयेगा। इसी तरह से अलग-अलग पे -स्केल के कर्मचारियों का जोरदार लाभ होगा। वहीं लगभग 69 लाख पेंशनर्स की भी बल्ले-बल्ले जो जायेगी।
कई संघों ने उठाई है फिटमेंट की यह मांग
चेन्नई में जहां अखिल भारतीय पेंशनभोगी संघ ने यह मांग उठाई है। तो ऐसा करने वाला यह अकेला कर्मचारी संघ नहीं है। बल्कि हाईफिटमेंट फैक्टर की मांग संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र की राष्ट्रीय परिषद, अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ और भारतीय नयी पेंशन योजना कर्मचारी संघ ने भी 3.833 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। अगर इस मांग को मान लिया जाता है तो फिर लेवल-1 से लेकर लेवल-10 तक तमाम केन्द्रीय कर्मचारियों का वेतन में उछाल देखने को मिलेगा। लेवल-1 की मिनिमम बैसिक वेतन 69 हजार रूपये हो जायेगी। फिटमेंट फैक्ट के अलावा पे-मैट्रिक्स, महंगाई भत्ता, एचआरए और अन्य लाभों व भत्तों से जुड़ी मांगें भी सामने आ रही है। इस पर आधिकारिक अंतिम फैसला लिये जाने में अभी समय शेष है। दरअसल, न्यायमूर्ति रंजनाप्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली 8वें वेतन आयोग की समिति की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 में पेश किये जाने की संभावना है।
फिटमेंट फैक्टर का अहम रोल
जिस फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग की जा रही है। वह दरअसल, ऐसा आंकड़ा होता है। जिसका उपयोग वेतन आयोग द्वारा किसी कर्मचारी के पूर्व संशोधित बेसिक सैलरी या रिटायर्ड कर्मचारी के पेंशन भुगतान को नये संशोधित मूल वेतन में बदलने के लिये किया जाता है। इसका कैलकुलेशन (वर्तमान मूल वेतनXफिटमेंट फैक्टऱ़= नया मूल वेतन) के आधार पर किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू है। इसके लागू होने से मिनिमम बेसिक सैलरी 7 हजार से बढ़कर सीधे 18 हजार पर पहुंच गयी थी। अब 8वें वेतन आयोग में इसे 3.833 करने की मांग है जो 1.26 गुना ज्यादा है।
अगर बात लेवल 2 से 10 तक सैलरी हाइक के बारे में करें, तो लेवल-2 के कर्मचारी की 19,900 रुपये बेसिक सैलरी सीधे 76,217 रुपये, जबकि लेवल-3 में 21,700 रुपये से 83,111 रुपये हो जाएगा । इसके बाद लेवल-4 कर्मचारी को न्यूनतम सैलरी 25,500 रुपये की जगह 97,665 रुपये, लेवल-5 में 29,200 रुपये से 1,11,836 रुपये, लेवल-6 में 35,400 रुपये से 1,35,582 रुपये और लेवल-10 के कर्मचारी के लिए 56,100 रुपये से 1,14,863 रुपये हो जाएगी।
69 लाख पेंशनर्स को जोरदार फायदा
फिटमेंट फैक्टर में ये बढ़ोतरी होने से जहां केंद्र सरकार के 50.14 लाख कर्मचारियों को सैलरी हाइक का फायदा मिलेगा, तो वहीं करीब 69 लाख पेंशनर्स को मिलने वाली पेंशन (Pension Hike) में भी इजाफा होगा। 3.833 Fitment के हिसाब से देखें, तो सरकार के इसे मंजूरी देती है, 25,000 रुपये की पेंशन बढ़कर सीधे 95,750 रुपये मंथली हो जाएगी।
