हाईकोर्ट की फटकार के बाद जल संसाधन विभाग 995 कर्मचारियों को एक मुश्त करेगा भुगतान

ग्वालियर. कई वर्षो से न्यायालय में न्याय की लड़ाई जीतने के बाद भी जिन स्थाई वर्गीकृत कर्मचारियों (इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल) को एक मुश्त भुगतान नहीं मिल रहा था। उनके लिये अच्छी खबर है। राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग अब इन्हें एक मुश्त भुगतान करने जा रही है। इसके संबंध में प्रशासकीय निर्णय लिया जा चुका है। केवल स्वीकृति के लिये मंत्रि-परिषद के पास अनुमोदन के लिये भेजा गया है। हरी झंडी मिलते ही कर्मचारियों को भुगतान कर दिया जायेगा।
दरअसल, डबरा निवासी हितचन्द्र शर्मा की 2019 से हाईकोर्ट पर में अवमानना याचिका लंबित है। इसमें बताया जा रहा है कि याची की 1 जनवरी में दैनिक वेतनभोगी के पद पर भर्ती हुए थे। दिसम्बर 2005 में उन्हें स्थाई वर्गीकृत कर दिया। हालांकि इसके बाद भी उन्हें वर्गीकरण दिनांक से न्यूनतम वेतनमान का लाभ नहीं दे रहे थे।
हाई कोर्ट के फरवरी 2019 में याची के आवेदन पर विधि अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन जल संसाधन विभाग ने कथित रूप से आदेश का पालन नहीं किया। इसके चलते 2019 में अवमानना याचिका दायर की गई। पिछली सुनवाई पर कोर्ट को बताया गया कि विभाग ने कुल 5.61 लाख में से 1.87 लाख रुपए का भुगतान कर दिया है। शेष राशि दो किश्तों में दी जाएगी। इसके पीछे ये दलील दी गई कि जल संसाधन विभाग के लगभग 995 कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का लाभ देना है। ये राशि काफी ज्यादा है। इसलिए 3 किश्तों में राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया। विभाग के जवाब पर हाई कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शेष भुगतान जल्द से जल्द करने का आदेश दिया। चूंकि, हाई कोर्ट में ऐसे और भी कई मामले लंबित हैं। इसको ध्यान में रखते हुए शासन अब एकमुश्त भुगतान करने की तैयारी में है।

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