हथकड़ी में अमेरिका से लौटे आकाश की कहानी, इसके बदले एजेंट को 65 लाख रूपये दिये इसके अलावा 6-7 लाख रूपये अलग से लिये
नई दिल्ली. अमेरिका से निर्वाचित किये गये 104 भारतीय अब घर लौट चुके हैं। जानकारी के अनुसार अमेरिका से डिपोर्ट किये गये भारतीयों को मेक्सिकों अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था। ऐसा कहा जा रहा है कि यह लोग भारत से वैध तरीके से रवाना हुए थे। लेकिन इन्होंने डंकी रूट के माध्यम अमेरिका में घुसने का प्रयास किया था।
104 भारतीयों की अलग-अलग हैं कहानियां
अब जब अमेरिका से सैन्य विमान आया तो इस विमान से डिपोर्ट हुए भारतीय ही नहीं आये बल्कि कई सपने भी दफन होकर गये। हाथों में हथकड़ी लगाये भारत लौटे 104 भारतीयों की अलग-अलग कहानी है। यह सब अपना-अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। कोई बहुत ज्यादा परेशान हैं तो कोई ठिकाना न होने के चलते अपने रिश्तेदार के घर चला गया है।
क्या है डंकी रूट
डंकी रूट यानी गैर कानूनी तरीके से विदेश जाने का रास्ता।इसमें लोग कई देशों से होते हुए गैरकानूनी रूप से अमेरिका, कनाडा या यूरोप में घुसने की कोशिश करते है। यह लोग टूरिस्ट वीजा या एजेंट्स की मदद से लैटिन अमेरिका के किसी देश (जैसे ब्राजील, पनामा, मैक्सिको या इक्वाडोर) तक पहुंचते हैं वहां से जंगलों, नदियों और रेगिस्तानों के रास्ते पैदल चलकर अमेरिका -मैक्सिकों बॉर्डर तक पहुंचते है। इसके बाद दलालों की मदद से अमेरिका में अवैध रूप् से घुसने की कोशिश करते हैं।
20 वर्ष के आकाश ने की जिद अमेरिका जाने की
ऐसी ही एक कहानी है करनाल के घरौंडा के कालरों गांव के एक युवक की। 20 वर्ष के आकाश ने देश से बाहर जाने का सपना देखा। उसने जिद की और बड़े भाई ने भी उसकी जिद्द के आगे अपनी नहीं चलाई और उसे भेज दिया गयां। आकाश को भेजने के लिये परिवार की जमीन का ढाई एकड़ भाग बेंच दिया।
65 लाख रूपये एजेंट को दिये जबकि 6-7 लाख रूपये का खर्च अलग से
आकाश को अमेरिका भेजने के लिये एजेंट से 65 लाख रूपये के खर्च पर डील हुई थी और 6-7 लाख रूपये खर्च अलग से आया है। आकाश लगभग 10 माह पहले गया और 26 जनवरी को उसने मैक्सिको की दीवार की कूंदी जिसे बाद वह यूएसए में पहुंच गया था। लेकिन यह ीवह पकड़ा गया। दरअसल, डंकी रूट के 2 रास्ते होते हैं। एक सीधा मैक्सिको और उसके कूंदकर अमेरिका, दूसरा रास्ता होतो है कई देशों से फ्लाइट, टैक्सी, कैंटर, बस, जंगल, समुद्र, पार करते हुए जाना एजेंट ने आकाश के परिवार से उसे सीधे मैक्सिकों पहुंचाने के लिये पैसे लिये थे। उसे भेजा गया। दूसरे रास्ते से। आकाश के भाई ने कुछ वीडियो भी दिखाये जो कि जंगलकों के थे । यह वह रास्ते थे जिनसे आकाश को गुजरना पड़ा था।
डरावने रास्तों से गुजरा आकाश, भाई ने दिखाया वीडियो
अमेरिका जाने के लिए आकाश का कुल 72 लाख रुपए का खर्चा आया है. डिपोर्ट होने के बाद आकाश सुबह अपने घर पहुंचा और अपने मामा के साथ उनके घर चला गया. आकाश के भाई ने जंगलों के कुछ वीडियो भी दिखाए हैं, परिवार की हालत बुरी हो गई है. परिवार चाहता है एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई हो और कोई भी डंकी रूट से अमेरिका ना जाए. ऐसे समय में सबको साथ देने की जरूरत है.डंकी शब्द की उत्पत्ति पंजाब के डुंकी शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है एक जगह से दूसरी जगह कूदना. डंकी रूट एक लंबा और बेहद मुश्किल सफर होता है. डंकी रूट से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में कई बार महीनों लग जाते हैं. इसमें लोग अवैध तरीके से ट्रक, विमान या नाव, पैदल चलकर या जंगलों के रास्ते एक देश से दूसरे देश जाते हैं. इस दौरान उन्हें खराब मौसम, भूख, बीमारी, दुर्व्यवहार और कभी-कभी मौत का भी सामना करना पड़ता है।
