MP में पूरी तरह बैन हो सकती है शराब

भोपाल.शराब से एमपी को सालाना 13,900 करोड़ का राजस्व मिल रहा है। लेकिन इस कमाई के बदले नशे से होने वाले नुकसान की भरपाई पर सरकार को बड़ी रकम चुकानी पड़ रही है। अर्थशास्त्रियों का कहना है सरकार कृषि-उद्यानिकी, दूध उत्पादों की प्रोसेसिंग, खनिज स्रोतों का बेहतर दोहन और पर्यटन, आइटी व महिला आधारित उद्यम जैसे 10 बड़े क्षेत्रों में काम करके शराब से होने वाली आय की तुलना 20 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व हासिल कर सकती है। इससे समाज को नशे से दूर करने में मदद मिलेगी। रोजगार पैदा करने की राह भी खुलेगी। अर्थशास्त्रियों ने शराब से दूर रहकर प्रदेश के मौजूदा स्रोतों से आय में बढ़ोतरी के तरीके भी बताए।
एमपी में आय के कई बड़ें विकल्प
दूसरे माध्यमों से 14 हजार करोड़ का राजस्व मिलना बड़ी बात नहीं है। प्रदेश में कई बड़े विकल्प मौजूद हैं। उन पर काम किया जा सकता है। केंद्र से भी मदद ली जा सकती है।
-प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं महानिदेशक रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज, नई दिल्ली

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