ट्रामा सेंटर में लगी आग के बाद 2 और मरीजों की हुई मौत
ग्वालियर. जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू अग्निकांड में शिफ्टिंग के बाद 2 और मरीजों की मौत हो गयी है। इस घटना में अभी तक शिवपुरी के कांग्रेस नेता सहित 3 मरीजों की मौत हो गयी है। मृतकों के परिजनों का आरोप है र्कि िशफ्टिंग के बीच उनके अपनों की जान चली गयी है। दरअसल, मंगलवार की सुबह जेएएच स्थित ट्रामा सेंटर के आईसीयू में लगने की वजह शॉर्टसर्किट और एसी के पाइप फटने बताई जा रही है। जिस समय आग लगी उस बीच 10 गंभीर मरीज भर्ती थे। जिसमें 6 वेंटीलेंटर और 4 ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। आईसीयू के भीतर मौजूद डॉक्टर मरीजों के अटेंण्डर ने मिली भर्ती गंभीर मरीजों को आईसीयू से बाहर निकाल लिया और साथ ही आईसीयू के अन्दर मौजूद फायर एस्टिनगुर से आग पर काबू पाया गया। जिन 3 लोगों की जानें गयी है। उसमें 2 हालत में सुधार हो रहा था। एक महिला रजनी राठौर को डॉक्टर यह तक कह चुके थे। कि वह 7 दिन में पूरी तरह स्वस्थ्य हो जायेगी। लेकिन शिफ्टिंग के बीच उसकी सांस थम गयी। माहौल न बिगड़े इसलिये रात तक वेंटीलेटर पर रखे रहें।
क्या है मामला
ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयारोग्य अस्पताल समूह के ट्रोमा सेंटर में मंगलवार सुबह 7 बजे के लगभग तेज धमाके के साथ आग लग गई। आग ट्रोमा सेंटर के ICU में लगे AC का कंप्रेसर पाइप फटने से लगी है। आग से तत्काल आसपास का इलाका घिर गया। वहां मौजूद डॉक्टर व कर्मचारियों ने जेएएच में लगे फायर एस्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) का उपयोग कर तत्काल आग पर काबू पा लिया, लेकिन ICU में आग से वहां एक बेड जल गया और फॉल सीलिंग का मटेरियल जलने से धुआं ही धुआं भर गया। उस समय ट्रोमा के ICU में सभी 10 बेड पर मरीज भर्ती थे। सभी क्रिटिकल कंडीशन मंे थे। यही कारण था कि मरीजों का ICU में दम घुटने लगा और सांस उखड़ने लगीं। आनन फानन में हॉस्पिटल प्रबंधन ने सभी को वहां से शिफ्ट करने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। सभी दस मरीज वेंटिलेटर पर थे। ऐसे में उनको शिफ्ट करना आसान नहीं था। जब डॉक्टर मरीजों को शिफ्ट कर रहे थे तभी शिवपुरी निवासी कांग्रेस नेता 55 वर्षीय आजाद खान ने शिफ्टिंग के दौरान दम तोड़ दिया।
आग लगने के समय ट्रामा सेंटर में 48 और आईसीयू में 10 मरीज थे
आग लगने की घटना के वक्त जेएएच के ट्रामा सेंटर में 48 मरीज भर्ती थे। जिनमें से 10 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। जिनकी बेहद हालत बेहद क्रिटिकल थी। जब ट्रामा के आईसीयू में आग लगी तो वहां धुआ भर गया और मरीजों का दम घुटने लगा। जिस पर तत्काल जेएएच प्रबंधन ने आईसीयू में भर्ती मरीजों को शिफ्ट करने का फैसला किया। सभी को न्यूरोलॉजी के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। लेकिन हालत यहां भी सामान्य नहीं थे न्यूरोलॉजी में भी मरीज होने के चलते वहां किसी तरह इनको एडजस्ट किया गया है।
