ED ने विधायक अमानतुल्लाह खान को किया गिरफ्तार

अमानतुल्लाह खान. (फाइल फोटो-PTI)नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार की सुबह आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। ईडी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड मनी लॉड्रिंग केस में पूछताछ के लिये सुबह अमानतुल्लाह के घर पहुंची थी। सुबह 8.15 बजे से उनसे घर में ही पूछताछ और जांच की जा रही थी। 4 घंटे की पूछताद के बाद दोपहर 12.15 बजे ईडी अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करके कार्यालय ले गये हैं।
ओखला सीट से विधायक अमानतुल्लाह पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष रहते हुए 32 लोगों की अवैध भर्ती कराई और फंड का गलत उपयोग किया। वक्फ की संपत्तियों को किराये पर दिया। ईडी पहले भी 2 बार अमानतुल्लाह से पूछताछ कर चुकी है। ईडी के एक्शन के बाद अमानतुल्लाह ने कहा था। सर्च वारंट के नाम पर ईडी का मकसद सिर्फ मुझे गिरफ्तार कर लियाहै। मैंने हर नोटिस का जवाब दिया है। मुझें 2 वर्ष से यह लोग मुझे परेशान कर रहे है।

क्या है दिल्ली का वक्फ घोटाला?
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के एसडीएम (मुख्यालय) ने नवंबर 2016 में वक्फ बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड के कई स्वीकृत और गैर-स्वीकृत पदों पर मनमाने और अवैध तरीके से नियुक्तियां कीं। अमानतुल्लाह पर कुल 32 लोगों को अवैध रूप से भर्ती करने का आरोप है।
सीबीआई ने जब जांच की तो पता चला कि अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम के साथ मिलकर अपने पद का दुरुपयोग किया, जानबूझकर नियमों की अनदेखी की और भर्ती प्रक्रियाओं में हेरफेर कर मनमाने ढंग से अपने चहेतों की नियुक्ती की। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
सीबीआई ने जांच में ये भी पाया कि अगर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होती, तो योग्य लोगों को रोजगार मिल सकता था. इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया. सीबीआई के बाद इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया।
लाल डायरी ने बढ़ाई मुश्किल
सितंबर 2022 में इस घोटाले की जांच के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को एक अहम सबूत मिला था।एसीबी को कौशर इमाम सिद्दिकी उर्फ लड्डन के घर से एक लाल डायरी मिली थी।  कौशर को अमानतुल्लाह का करीबी माना जाता है।
एसीबी के मुताबिक, लाल रंग की इस डायरी में अमानतुल्लाह के कई सारे राज थे और करोड़ों रुपये के लेन-देन की एंट्री भी लिखी गई थी। एसीबी का शक था कि डायरी में दर्ज करोड़ों रुपये हवाला के जरिए दुबई से भेजे गए थे। ऐसा दावा है कि ये डायरी अमानतुल्लाह के खातों की ही है।

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