झांसी-कानपुर फोरलाइन हाईवे अब सिक्स लाइन होगा

झांसी. झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को अब सिक्स लाइन किया जाएगा। 228 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसलिए नेशलन हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसके विस्तार की परियोजना बनाई है। फिलहाल सिक्स लाइन हाइवे का खाका तैयार किया जा रहा है।
वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सिक्स लाइन बनाने की तैयारी
2006 में झांसी-कानपुर फोरलाइन हाईवे (एनएच-27) का निर्माण हुआ था। तब इस मार्ग का पैसेंजर कार यूनिट 15 हजार था। यानी उस वक्त इस सड़क से रोजाना 15 हजार वाहनों का आवागमन होता था। तब लोगों के पास सीमित साधन थे, लेकिन अब घर-घर वाहन हो गए। आज इस सड़क पर रोजाना 35 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन हो रहा है। ये उन वाहनों की संख्या है, जिनसे टोल वसूला जाता है। इसके अलावा हाइवे पर सरपट दौड़ने वाली बाइक, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर की संख्या भी हजारों में हैं। हाइवे पर वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए झांसी से कानपुर तक की सड़क को सिक्स लाइन बनाने की तैयारी की जा रही है।एनएचएआई की ओर से इस परियोजना का खाका तैयार किया जाने लगा है।
सिक्स लाइन बनने पर सड़क 32.5 मीटर चौड़ी होगी
फोर लाइन को सिक्स लाइन में तब्दील करने के लिए एनएचएआई को अलग से जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा। फोर लाइन सड़क की चौड़ाई 21.5 मीटर है। इसमें 8.5-8.5 मीटर की दोनों ओर की सड़क व 4.5 मीटर का डिवाइडर शामिल है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर एक-एक मीटर की पटरी भी है। सिक्स लाइन बनने पर सड़क 32.5 मीटर चौड़ी हो जाएगी। जबकि, एनएचएआई के पास पहले से ही 45 मीटर जमीन मौजूद है। इसके अलावा सड़क से गुजरे बाईपास 60 मीटर चौड़े हैं। ऐसे में एनएचएआई को फोर लाइन को सिक्स लाइन में तब्दील करने में अलग से जमीन का इंतजाम नहीं करना पड़ेगा।
हाइवे की चौड़ाई बढ़ाने की तैयारी- परियोजना निदेशक सुनील कुमार
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सुनील कुमार जैन ने बताया कि जिन हाइवे पर वाहनों की संख्या ज्यादा है, उनका विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में झांसी-कानपुर फोर लाइन को भी सिक्स लाइन में तब्दील करने की योजना है। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या की वजह से सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की तैयारी है।
टोल से रोजाना पौने दो करोड़ की इनकम
झांसी से कानपुर के बीच चार टोल पड़ते हैं। जिनसे एनएचएआई को रोजाना लगभग एक करोड़ 70 लाख रुपए टोल टैक्स हासिल होता है। इसमें झांसी से उरई के बीच 45 लाख रुपए और उरई से कानपुर के बीच प्रतिदिन सवा करोड़ रुपए टोल टैक्स हासिल होता है।

 

 

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