चंबल उफनी, मुरैना के 40 गांव में अलर्ट, 22 से फिर भारी बारिश के आसार
ग्वालियर. मध्यप्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर तो थमा हुआ है, लेकिन पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश के कारण नदियां उफनी हुई हैं। राजस्थान के कोटा बैराज बांध से चंबल में 2.85 लाख क्यूसेक पानी मंगलवार तक छोड़ा गया है। मुरैना और भिंड में चंबल उफना गई है। इधर भोपाल के कई इलाकों में दोपहर 3 बजे के करीब बूंदाबांदी हुई है। मुरैना जिले में चंबल किनारे बसे 40 गांवों को अलर्ट करना पड़ा है। राजघाट पर नदी का जलस्तर 125 मीटर से ज्यादा है। जिले के अंबाह के उसैद-पिनाहट घाट पर पानी 112 मीटर से बढ़कर 115 मीटर पहुंच गया। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में खतरे की आशंका को देखते मुनादी कराई है और राजस्व टीमों को तटवर्ती इलाकों में निगाह बनाए रखने के लिए कहा गया है।
22 से 23 सितंबर तक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 21 सितंबर से हल्की बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 22 से 23 सितंबर तक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहेगा। नया सिस्टम बंगाल की खाड़ी से एक्टिव होगा और काफी स्ट्रॉन्ग रहेगा। इससे भोपाल, ग्वालियर, चंबल, रीवा, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भारी बारिश हो सकती है। अब तक सूखे रहे रीवा संभाग में भी तेज बारिश होने की संभावना है। बुधवार को डिंडोरी, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इंदौर, जबलपुर समेत 27 जिलों में धूप-छांव रहेगी। कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है।
भिंड में चंबल खतरे के लेवल से 8 मीटर नीचे
भिंड के बरही घाट पर चंबल का जलस्तर पिछले 36 घंटे में करीब 4 मीटर बढ़ा है। कोटा बैराज डैम से पानी छोड़े जाने से पानी और बढ़ सकता है। 19 सितंबर की रात चंबल का जलस्तर 107 मीटर से अधिक था। मंगलवार की रात यह 109 मीटर से अधिक दर्ज किया गया। 20 सितंबर की दोपहर 1 बजे 111.30 मीटर जल संसाधन विभाग के अफसरों ने दर्ज किया। चंबल का खतरे का लेवल 119.60 मीटर है। लोगों को नदी के तट से दूर रहने के लिए मुनादी कराई गई है।

