ग्वालियर चंबल अंचल से निकलेगा 2023 की जीत का रास्ता

ग्वालियर. भाजपा ने 2023 के चुनाव को देखते हुए दलित वोटर्स पर पकड़ बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। दरअसल 26 नवंबर को संविधान दिवस है और इसी दिन हमारा संविधान संसद द्वारा अपनाया गया था। ऐसे में भाजपा ने नवंबर में संविधान दिवस तक दलित वर्ग में अपनी पकड़ बनाने के लिए कई कार्यक्रम का आयोजन करने का फैसला किया है।

ग्वालियर चंबल से गुजरेगा जीत का रास्ता
दलित वोटबैंक के लिए भाजपा का फोकस ग्वालियर चंबल अंचल पर ज्यादा है। ग्वालियर चंबल अंचल में दलित वोटबैंक निर्णायक स्थिति में हैं। बता दें कि ग्वालियर चंबल अंचल में विधानसभा की 34 सीटें आती हैं। एट्रोसिटी एक्ट के कारण हुई हिंसा से भाजपा को नुकसान हुआ था और 2018 के विधानसभा चुनाव में दलित वोटबैंक भाजपा के हाथ से छिटक गया था। इसके कारण यहां की 34 सीटों में से 26 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इससे पहले 2013 के चुनाव में भाजपा को यहां 20 सीटें मिली थी। 2018 में मिली हार से भाजपा ने सबक लेते हुए अभी से ही ग्वालियर चंबल अंचल में दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश शुरू कर दी है।

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