पॉलिटेक्निक कॉलेज से मतदान दलों को मतदान सामग्री रवाना, प्रत्याशियों की आखिरी जोर-अजमाइश भी तेज
ग्वालियर. ग्वालियर में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान 25 जून को ग्वालियर में होने जा रहा है। मतदान शुरू होने में अब 24 घंटे भी शेष नहीं रह गए हैं। यह समय पुलिस और प्रशासन के लिए काफी अहम है। प्रचार थमने के बाद प्रत्याशियों ने अपनी आखिरी जोर अजमाइश शुरू कर दी है। प्रत्याशी गांव के घर-घर पहुंचकर कहते नजर आ रहे हैं ध्यान रखता माता जी भूल नहीं जाना। मतदान बिना किसी समस्या के हो सके इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। सफलता पूर्वक मतदान कराने मतदान दल रवाना हो गए हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल में 19 मतदान केन्द्र ऐसे हैं जो घने जंगल में होने के कारण यहां वायरलेस सेट तक फेल हैं। ऐसे मतदान केन्द्र के लिए विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
सुबह 5 बजे से मतदान दल रवाना किए गए
ग्वालियर मंे पंचायत चुनाव के लिए मतदान दलों को रवाना करने और सामग्री बांटने का काम पॉलिटेक्निक कॉलेज झांसी रोड से किया जा रहा है। बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है। शुक्रवार सुबह 5 बजे से मतदान दल पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में पहुंच गए हैं। यहां से मतदान दलांे को रवाना किया जा रहा है। यह दल अब शनिवार को मतदान और मतगणना कराने के बाद ही लौटेंगे।
वन कर्मचारी, NCC कैडेट्स भी रहेंगे तैनात
ग्वालियर रेंज के लिए मिली दो कंपनियों काे जिलों में बांट दिया गया है। ग्वालियर में 250 का अतिरिक्त बल दिया गया है। शिवपुरी में 125, अशोकनगर में 150, गुना में 125 में अतिरिक्त बल तैनात रहेगा। ग्वालियर में वन विभाग के कर्मचारी और NCC कैडेट्स काे SPO बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर घाटीगांव तिघरा क्षेत्र में ऐसे कुछ मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। यहां के लिए दो-दो सिम दी गई हैं।
चंबल के लिए मांगी 19 कंपनियां मिलीं दो
चंबल रेंज में 19 कंपनियों की मांग की गई थी। इनमें से 15 कंपनियां मुरैना व भिंड में तैनात की जाना थीं, लेकिन पूरी रेंज को दो कंपनियां ही मिली हैं। इनमें से एक भिंड के लिए है, जबकि दूसरी को मुरैना, श्योपुर और दतिया में बांटा जाएगा। मुरैना और भिंड जिलों में 50 से 60 फीसदी मतदान केंद्र संवेदनशील व अति संवेदनशील हैं। उपद्रव होना, गोली चलना आम बात है। इसलिए यहां रिजर्व कंपनी भी दी गई है।
