गृह विभाग की तैयारी पूरी, 6 दिन में लागू हो जाएगा पुलिस कमिश्नर सिस्टम

भोपाल. पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लेकर गृह विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। गृह विभाग के अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर के अधिकारों और उनके प्रभाव के साथ डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम यानि कलेक्टर) के अधिकारों को स्पष्ट करके प्रारूप को तकरीबन फाइनल कर दिया। मुख्यमंत्री से इस बारे में चर्चा होनी थी लेकिन अब यह चर्चा गुरूवार को संभावित है।

इस बीच गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने साफ कर दिया है कि भोपाल-इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम नवंबर के अंत तक लागू कर दिया जाएगा। विधि विभाग और वित की अनुमति का इंतजार है। गृहमंत्री ने यह भी बताया कि इस सिस्टम में दोनों बड़े शहरों के तमाम थाने आएंगे। इसके अतिरिक्त ऐसे ग्रामीण थाने जिनमें आधा शहर और आधा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों का आता है वे थाने भी पुलिस कमिश्नर सिस्टम के अंतर्गत ही आएंगे।

मंत्री भूपेंद्र ने कहा अच्छे परिणाम नहीं आए तो वापस लेंगे
नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि इंदौर और भोपाल में इस प्रणाली के परिणाम देखेंगे कि अपराधों पर अंकुश लगता है या नहीं। अगर परिणाम ठीक आएंगे तो अन्य शहरों में भी लागू करेंगे। परिणाम ठीक न आने पर इंदौर और भोपाल से भी इसे वापस ले लिया जाएगा।

राज्य प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन विरोध में
राज्य प्रशासनिक सेवा एसो. ने पुलिस कमिश्नर सिस्टम का विरोध कर दिया है। महासचिव मल्लिका निगम नागर ने कहा कि वर्तमान में ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि पुलिस और प्रशासन में तालमेल में कोई कमी हो। एनएसए, जिलाबदर या इस तरह के अन्य मामले बातचीत से सुलझाए जाते हैं। अगर कानून व्यवस्था में कोई अड़चन होती तो बात अलग थी। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर और आईएएस अफसरों से जिन अधिकारों को वापस लिए जाने की बात हो रही है, उस संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। संघ का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखेगा।

 

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