घाटीगांव के जंगल में डकैत गैंग की बढ़ी हलचल, चरवाहे को बनाया निशाना, 100 मवेशी लेकर भागे और 8 वापिस

ग्वालियर. मोहना-घाटीगांव के जंगल में एक बार फिर डकैत सिर उठाने लगे हैं। डकैतों की दस्तक के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है। डकैत गिरोह के निशाने में चरवाहे हैं। 4 दिन में 2 वारदात हो चुकी है। इस बार डकैत गैंग ने मोहना के जंगल में 2 चरवाहों को गनपॉइंट पर बंधक बनाकर 100 से ज्यादा मवेशियों (बकरियों) को लूटा है। चरवाहों को वह छोड़ गये हैं। रविवार को कल्ली-महावीरा गुर्जर गैंग ने इस घटना को अंजाम दिया है। घटना का पता चलते ही पुलिस हरकत में आयी। चार थानों का फोर्स जंगल में उतारा गया है। पुलिस ने लगभग 8 घंटे तलाशी अभियान चलाया, लेकिन डकैत गैंग और एक भी मवेशी हाथ नहीं आये हैं। डकैत जंगल के रास्तों से परिचित हैं और पुलिस को ही चकमा देकर निकल गये हैं।
रविवार को मोहना के जंगल में कल्याणसिंह ओढ़ अपने साथियों के साथ मवेशियों को चराने के लिये गये थे। अभी वह मोहना के जंगल में अन्दर पहुंचे तो 4 से 5 हथियारबन्द डकैतों ने उन्हें घेर लिया। डकैतों पर बंदूकें और कट्टे थे। गनपॉइंट पर चरवाहों को लेकर बंधक बनाया है। डकैत उनको घेर कर जंगजल में ले गये। यहां से उनके एक सैकड़ा मवेशी (बकरे और बकरियां लूट ले गये हैं। बदमाशों जाते समय चरवाहों को छोड़ दिया है और साथ ही यह कहा है कि पुलिस के पास जरूर जाना और दहशत की पूरी कहानी सुनाना। जब चरवाहे गिड़गिड़ाये और कहा कि उनके पास यह मवेशी ही है। जिनसे उनके जीवन का गुजारा होता है। इस पर डकैत चरवाहों को 8 मवेशी वापिस कर गये हैं। लूटे गये मवेशियों की कीमत करीब 4 लाख रूपये बतायी जा रही है और इसके बाद डकैत गैंग जंगल में चले गये।
पुलिस ने गैंग को घेरा अपहृतों को छोड़ भागे
जब पुलिस को जंगल में डकैतों की मूवमेंट की सूचना मिली तो मोहना, घाटीगांव, भंवरापुरा और आरोन की पुलिस को जंगल में तलाशी के लिये भेजा गया हैं। पुलिस ने लगभग 8 घंटे तक जंगल में तलाशी अभियान चलाया। लेकिन एक भी डकैत हाथ नहीं आया है। पुलिस हैरान है कि इतनी संख्या में मवेशी लेकर डकैत किस रास्ते से गायब हो गये हैं। जंगल के रास्ते पुलिस से अधिक बेहतर डकैत गैंग जानते हैं।
डकैत गैंग का मूवमेंट 2 दिन से
घटना के बाद से गांववालों ने खुलासा किया है कि डकैतों का 2 दिन से मूवमेंट था। वह जंगल में दुबे के हुए थे। पेहसारी के जंगल में भी मूवमेंट सामने आया था। पुलिस का मानना गांववालों ने महावीरा गुर्जर उल्फा व उसके गिरोह के रूप में पहचान की है। कल्ली-महावीरा गुर्जर गिरोह चम्बल में मुरैना का रहने वाला है। यह क्षेत्र उसके मूवमेंट में आता है। मवेशी लूटना उसके गिरोह की पुरानी आदत हैं।

यह है बदमाशों का हुलिया
चरवाहों ने पुलिस को बताया कि डकैतों  का हुलिया कल्ली और महावीरा गुर्जर जैसा लग रहा था। चार से पांच डकैत थे। दो की उम्र 40 से 45 साल के बीच होगी। दो की उम्र 30 से 35 साल के होंगे। सभी के हाथों में बंदूक और कट्‌टे थे। सभी फौजी की तरह कपड़े पहने हुए थे। इसी आधार पर पुलिस पड़ताल कर रही है। चार दिन पहले भी घाटीगांव के सिमरिया में दो चरवाहों को अपह्रत किया गया था।

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