ग्वालियर में विजयादशमी पर आज रावण के पुतले जलेंगे लेकिन ज्यादा भीड़ के कार्यक्रम नहीं होंगे
ग्वालियर. विजयादशमी (दशहरा) का पर्व आज शुक्रवार को मनाया जाएगा। शहर में इस बार रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले तो कुछ स्थानों पर जलाए जाएंगे लेकिन ज्यादा भीड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा चल समारोह भी नहीं निकाला जाएगा। महासभा द्वारा शमी और शस्त्र पूजन का कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित होगा।
सर्वार्थ सिद्ध योग में मनाया जाएगा दशहरा
विजयादशमी (दशहरा) शुक्रवार को श्रवण एवं धनिष्ठा नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, भद्र नामक पंच महापुरूष योग एवं शश नामक पंच महापुरूष योग का भी निर्माण होगा। आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी तिथि का प्रारंभ 14 अक्टूबर गुरूवार सायंकाल 6.52 बजे से हो जाएगा और यह तिथि दूसरे दिन शुक्रवार को शाम 6.02 बजे तक रहेगी। दशमी तिथि शुक्रवार के दिन सूर्योदय व्यापिनी एवं अपराह्न व्यापिनी होने के कारण विजयादशमी दशहरा, शमीपूजा का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का सुबह 6.40 से 9.15 बजे तक रहेगा। इसी दिन 11.02 बजे से दोपहर 1.05 बजे तक भद्र नामक पंच महापुरुष योग एवं दोपहर 1.06 बजे से 3.09 बजे तक शश नामक पंच महापुरुष योग बन रहा है। विजयादशमी पर अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.38 बजे से 12.26 बजे तक रहेगा।
जीवाजी क्लब में 20 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन
छत्री बाजार में इस बार रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले नहीं जलाए जाएंगे। दीनदयाल नगर में चेतना मंच द्वारा पुतला दहन का कार्यक्रम कोरोना संक्रमण की वजह से स्थगित किया है। इस बार बच्चों को रामलीला के पात्र बनाकर उनका पूजन किया जाएगा तथा पौधरोपण कराया जाएगा। वहीं दीनदयाल नगर में नवदुर्गा महोत्सव समिति द्वारा 35 फीट के रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। लोको पार्क में रेलवे युवा उत्सव समिति पुतला दहन करेगी। समिति के सुनील मराठा, अभिषेक यादव ने बताया कि रावण का 25 फीट का और मेघनाद, कुंभकर्ण के 18-18 फीट के पुतले रात 9 बजे जलाए जाएंगे। जीवाजी क्लब में भी रावण दहन किया जाएगा। यहां पर रात 10 बजे रावण का 20 फीट का पुतला जलाया जाएगा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र सिंह भदौरिया के अनुसार इस बार चल समारोह नहीं निकाला जाएगा।
