जम्मू कश्मीर में 10 ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी, लश्कर-ए-तैयबा की साजिश पर एनआईए की कार्यवाही
नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) 10 ठिकानों पर छापेमारी की, यह तलाशी प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए‘-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और उनके स्थानीय ‘‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’’ (ओडीडब्ल्यू) के कथित नेटवर्क से जुडी सीमा-पार आतंकी साजिश के सिलसिले में ली गयी।
यह तलाशी कुपवाड़ा, बांदीपोरा, कुलगाम, बारामूला और सोपोर में ली गयी। इसका मकसद साजिश से जुड़े सबूत जुटाना और घुसपैठ करने वाले आतंकियों को लॉजिस्टिकल और दूसरी मदद देने वाले लोगों की भूमिका का पता लगाना था। यह मामला शुरू में श्रीनगर के ज़कूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 0024/2026 के तौर पर दर्ज किया गया था. बाद में NIA ने इसे UA(P) एक्ट, 1967 की धारा 23, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 7 और 25, और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 की धारा 4 के तहत RC-02/2026/NIA/JMU के तौर पर फिर से दर्ज किया।
अब तक की जांच से पाकिस्तान में बैठे LeT हैंडलर्स और उनके स्थानीय साथियों के बीच संबंधों का पता चला है. इन साथियों का इस्तेमाल घुसपैठ करने वाले आतंकियों के साथ बातचीत, उनकी आवाजाही, उन्हें छिपाने, पनाह देने और दूसरी लॉजिस्टिकल मदद देने के लिए किया जा रहा था। NIA पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उनकी गतिविधियों के दायरे को समझने के लिए फाइनेंशियल ट्रेल, बातचीत के तरीकों, आरोपियों की आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों के सोर्स और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है। NIA साज़िश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिकाओं का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है. जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गिरफ्तारी और रिकवरी शामिल हो सकती है।
