पेट्रोल-डीजल में मिलावट कर बने करोड़पति, केमिकल मिलाकर पेट्रोल मे 40 व डीजल पर 30 रु. प्रति लीटर का मुनाफा

इंदौर. पेट्रोल-डीजल में केमिकल मिलाकर दो आरोपी करोड़पति बन गए। वे हर महीने एक लाख लीटर केमिकल मिलाकर अपने दो पेट्रोलपंप से पेट्रोल-डीजल बेच देते थे। मिलावटी पेट्रोल पर 40 रुपए और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का मुनाफा कमाते थे। हर महीने 20 हजार लीटर के चार से पांच टैंकर केमिकल लाते थे। चार साल से यह धंधा चल रहा था। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि दो मुख्य आरोपी अभी फरार हैं।

किशनगंज थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया पेट्रोलियम इंडस्ट्री से निकलने वाला रबड़ फ्यूल, मिक्सड हैक्जिन, सी -09, जैसे केमिकल को गुजरात और मुंबई से बुलाया जाता था। शिवम इंडस्ट्रीज के मालिक विजय कुमार मूंदड़ा और पंप का मुख्य मैनेजर राकेश अग्रवाल उसे फैक्ट्रियों में लगे बॉयलर और भट्टियां जलाने के नाम पर मंगाते थे। इन केमिकल को बड़ी क्वांटिटी में मंगाया जाता था।

मिक्स कर बनाते थे फ्यूल
शिवम इंडस्ट्रीज को फैक्ट्रियों के लिए फ्यूल बनाने का लाइसेंस है, लेकिन इनका इस्तेमाल पेट्रोल और डीजल के रूप में नहीं किया जा सकता है। इंडस्ट्रीज में मुंबई और गुजरात से फ्यूल ऑइल, मिक्स्ड हैक्जिन, सी 09, पेंटेन और रबर प्रोसेस ऑइल खरीदकर मंगाए जाते हैं। इन सभी हाइड्रो कार्बन को अलग-अलग अनुपात में मिक्सिंग मशीन में मिक्स कर ऐसा बनाते हैं, जो पेट्रोल और डीजल की तरह दिखता और वैसा ही काम भी करता है।

ऐसे खुला पूरा राज
पुलिस के अनुसार इलाके में रहने वाले कई लोगों ने यह भी बताया कि किशनगंज ​​​​​​स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप पर कम मात्रा में पेट्रोल की शिकायत कई बार नापतौल विभाग को की थी, लेकिन उन्हें यह पता लगा कि पेट्रोल-डीजल मिलावटी है। कभी-कभी गाड़ियां झटके देकर बन जरूर हो जाती थी। इधर, पुलिस मिलावट को लेकर कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि पेट्रोल पंप पर मिलावट का पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है। पुलिस ने जब कार्रवाई की तो पूरा मामला सामने आ गया। अब पुलिस ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रही है। जिसकी गाड़ी भी इस फ्यूल से प्रभावित होकर खराब हुई हो।

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