आरओबी के लिए रेलवे को मिले 3 करोड़ रु., 5 माह में तैयार होगा तानसेन रेलवे ओवर ब्रिज
ग्वालियर. लोक निर्माण विभाग की सेतु संभाग शाखा ने तानसेन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए की फाइनल किस्त दे दी है। लखनऊ सीआरएस भी पटरियों के ऊपर गर्डर लांचिग की स्वीकृति दे चुका है। बजट व अनुमति की दिक्कत दूर होने के बाद आरओबी पांच महीने में ट्रैफिक लिए तैयार हो जाएगा। 35 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए जा रहे तानसेन रेलवे ओवर ब्रिज का काम सेतु संभाग शाखा व रेलवे कर रहा हे। सेतु संभाग इस ब्रिज का 75 प्रतिशत काम पूरा कर चुका है जिसमें तानसेन नगर की तरफ के काम के साथ रेसकोर्स रोड की ओर का काम भी शामिल है लेकिन रेलवे को पटरियों के ऊपर जिस हिस्से पर काम करना है उसे लखनऊ सीआरएस से अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब बजट व अनुमति मिलने के बाद तेजी से काम शुरू कर दिया गया है।
सुरक्षा की दुष्टि से अनुमति नहीं मिल रही थी
रेलवे को जिस हिस्से में काम करना है वहां 8 ट्रैक है। गर्डर लांचिग में रेलवे को ट्रैक के एक सिरे पर पिलर तैयार कर स्पॉन लांच करना था। इसे एक हिस्से से दूसरे हिस्से की ओर स्लाइड करते हुए तैयार करना था लेकिन तकनीकी कारणों से इसे पहले लखनऊ सीआरएस ने स्वीकृति नहीं दी थी। कुल मिलाकर रेलवे को पटरियों के ऊपर 60 मीटर के हिस्से में काम करना है।
राशि के साथ हमें अनुमति मिल गई है- आकाश यादव, डिप्टी चीफ इंजीनियर, उत्तर मध्य रेलवे
तानसेन रेलवे ओवर ब्रिज के लिए हमें लोक निर्माण विभाग से राशि मिल गई है साथ ही लखनऊ सीआरएस से अनुमति भी आ गई है। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने साइट पर काम शुरू कर दिया है।
रेलवे को हमने 3 करोड़ रु. दिए- मोहर सिंह, कार्यपालन यंत्री, सेतु संभाग, पीडब्ल्यूडी
तानसेन रेलवे ओवर ब्रिज के लिए हमने 3 करोड़ रुपए का फाइनल पेमेंट रेलवे को कर दिया है। हम अपने हिस्से का 75 प्रतिशत काम पूरा कर चुके है। पटरियों के पास रेलवे का काम खत्म होते ही हम बचा हुआ काम पूरा कर देंगे।
रेल आवागमन कभी बंदी तो कभी करना होगा स्लो
अब रेलवे अफसर काम शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए रेलवे आवागमन बंद करने व स्लो करने के प्लान पर काम कर रहे हैं। गार्डर लांचिंग के समय ये सब किया जाएगा। रेलवे के अफसर टाइम को लेकर विचार कर रहे हैं।
बिना रेल फाटक वाले आरओबी के निर्माण की पूरी राशि राज्य सरकार देती है
जिस जगह रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है अगर वहां फाटक नहीं है तो पूरा बजट राज्य सरकार को देना होता है और अगर फाटक है तो राशि रेलवे व राज्य सरकार में बंट जाती है। 35 करोड़ के इस रेलवे ओवर ब्रिज में पटरी के हिस्से को छोड़कर सभी काम लोक निर्माण विभाग की सेतु संभाग शाखा कर रही है। इस कारण 23 करोड़ का बजट राज्य सरकार ने सेतु संभाग को दिया है वहीं 9 करोड़ का बजट रेलवे को पहले मिल गया था। 3 करोड़ रुपए इस महीने के प्रथम सप्ताह में और मिल गए है।
