महाराज बाड़ा क्षेत्र का दर्शनीय महत्व बढ़ेगा गोरखी स्कूल के मल्टीलेवल पार्किंग होने से  पार्किंग समस्या लोगों को निजात मिलेगी

ग्वालियर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत महाराज बाड़े पर किए जा रहे कार्यों से पूरे क्षेत्र का विकास तो हो ही रहा है। साथ ही दर्शनीय महत्व भी बढ़ रहा है। डिजिटल म्यूजियम, प्लेनेटोरियम, टाउन हॉल और सेंट्रल लाइब्रेरी को विकसित करने का जो कार्य किया गया है वह प्रशंसनीय है। इससे न केवल शहरवासियों को बल्कि बाहर से ग्वालियर आने वाले सैलानियों को भी ग्वालियर की भव्यता देखने को मिलेगी।
क्षेत्रीय सांसद विवेक शेजवलकर ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ग्वालियर के महाराज बाड़ा क्षेत्र में किए गए कार्यों का अवलोकन किया। उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
डिजिटल म्यूजियम, डिजिटल संग्रहालय एवं प्लेनेटोरियम
स्मार्ट सिटी के डिजिटल म्यूजियम का अवलोकन किया। स्मार्ट सिटी द्वारा 3500 वर्गफुट एरिया में लगभग 7 करोड़ रूपए की लागत से डिजिटल संग्रहालय एवं प्लेनेटोरियम का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवन शैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहित कई विधाओं को आधुनिक तरीके से डिजिटली प्रदर्शित किया गया है। इस म्यूजियम में 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प अन्य की जानकारी आधुनिक आईटी उपकरणों का प्रयोग कर प्राप्त की जा सकती है।
मल्टीलेवल पार्किंग
गोरखी में निर्मित की जा रही मल्टीलेवल पार्किंग कार्य का भी अवलोकन किया। 300 करोड़ रूपए की इस परियोजना से महाराज बाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक कंट्रोल को काफी मदद मिलेगी। मल्टीलेवल पार्किंग के ऊपर बनने वाले आधुनिक गार्डन को ओपन थियेटर के रूप में भी विकसित करने की बात कही। आने वाले सैलानियों को एक बेहतर ओपन थियेटर भी उपलब्ध हो सकेगा। इसके पूर्ण होने से महाराज बाड़े पर पार्किंग की बड़ी समस्या से लोगों को निजात मिलेगी। इसके साथ ही पार्किंग के ऊपर आधुनिक पार्क का विकास भी होगा। इससे लोगों को एक अच्छा पार्क उपलब्ध हो सकेगा।
आधुनिक टाउन हॉल
स्मार्ट सिटी के माध्यम से तैयार किए गए आधुनिक टाउन हॉल का उपयोग बेहतर ढंग से हो, इसके लिये स्मार्ट सिटी कार्य करे। ग्वालियर का टाउन हॉल ग्वालियर के हृदय स्थल महाराज बाड़े पर है। यहाँ पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ नियमित हों, इसके प्रयास किए जाना चाहिए।
डिजिटल लाइब्रेरी
ग्वालियर की डिजिटल लाइब्रेरी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध बहुमूल्य साहित्य की जानकारी लोगों तक पहुँचे ताकि अधिक से अधिक पाठक इसका लाभ उठा सकें।

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