कांग्रेस जिला अध्यक्ष को अफसरों से बहस महंगी पड़ी, सरकार की प्रतिकात्मक अर्थी जलाने व बिना परमीशन रैली निकालने पर कांग्रेस अध्यक्ष सहित 12 पर एफआईआर दर्ज
ग्वालियर. महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूचि गुप्ता सहित 12 महिलाओं पर कोविड गाइडलाइन तोड़ने और धारा 144 का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। शनिवार को कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वालों के परिजन को घोषित योजनाओं का लाभ न दिए जाने पर महिला कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस ने केंद्र व राज्य सरकार की प्रतीकात्मक अर्थी जलाई साथ ही महिला नेताओं ने पहले जीवाजी विश्वविद्यालय चौराहे पर अर्थी रखकर प्रदर्शन किया और रैली भी निकाली थी। इसे पुलिस ने कोविड गाइडलाइन व कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन माना है।
कोरोना में जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजन के लिए केन्द्र और राज्य सरकार ने मुआवजा से लेकर अन्य तरह के लाभ देने की घोषणा की थी लेकिन मृतकों के परिजन को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसी को लेकर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रूचि गुप्ता, चतुर्भुज धनौलिया, वीरेन्द्र तोमर के साथ 10 से 12 महिलाओं ने सिटी सेंटर विजयाराजे सिंधिया चौराहा पर प्रदर्शन किया। यहां केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार की प्रतिकात्मक अर्थी जलाई और नारेबाजी की जबकि इस समय किसी भी तरह के सार्वजनिक और सामाजिक, धार्मिक आयोजन की इजाजत नहीं है।
एसडीएम से की बहस
इस दौरान महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रूचि गुप्ता को समझाने गए एसडीएम सीबी प्रसाद, तहसीलदार कुलदीप दुबे के बीच बहस भी हुई, फिर कुछ देर में दुबे ने अर्थी का एक बांस खींच भी दिया और प्रदर्शन को विफल करने का प्रयास किया लेकिन इसके बाद प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी बढ़ गई। यहां प्रदर्शन के बाद सभी महिलाएं कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष रूचि गुप्ता के साथ रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंची और वहां भी प्रदर्शन किया।
