नर्सेस का सामूहिक अवकाश के साथ 30 जून से हड़ताल, 28 जून से सामूहिक अवकाश पर रहेंगी

ग्वालियर । कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावित आशंका के बीच अब सरकारी अस्पतालों की नर्सेस काम बंद करने जा रही है । अपनी मांगों को लेकर सरकार से नाराज नर्सेस ने 30 जून से हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है । जबकि कल 28 जून को ग्वालियर सहित प्रदेश भर की नर्सेस सामूहिक अवकाश पर रहेंगी । इस सामूहिक अवकाश को हड़ताल पर जाने से पहले नर्सेस एसोसिएशन द्वारा हड़ताल का ट्रेलर बताया जा रहा है । अगर ऐसा हुआ तो जाहिर है अस्पतालों में मरीजों के इलाज का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा । लिहाजा इससे निपटने के लिए जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन ने उन 13 नर्सिंग कॉलेजों के संचालाकों से नर्सेस मांगी है जो उनके अस्पताल से संबद्ध हैं । खास बात ये है कि अगर ये 13 नर्सिंग कॉलेज नर्सेस की उपलब्धता नहीं कराते है तो इनकी संबद्धता रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है । इसके अलावा जीआरएमसी के नर्सिंग स्कूल की छात्राओं को भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लिए जाने के निर्देश दिए गए है ।
नर्सेस के सामूहिक अवकाश और इसके बाद होने वाली बेमियादी हडताल का सीधा असर अंचल के सबसे बडे जयारोग्य अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल मुरार पर पडेगा । यहां हर दिन सैकड़ों मरीज भर्ती होते हैं । डॉक्टरों के डायरेक्शन पर मरीजों को नर्सेसद्वाराही उपचार दिया।
इनका कहना है कि
चरणबद्ध आंदोलन के बाद भी कोई समाधान शासन द्वारा नहीं किया गया । इसलिए अब हम मजबूरन सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएगें । इसकी सूचना हमने पूर्व में शासन को देदी है ।
रेखा परमार,  प्रदेशाध्यक्ष नर्सेस एसोसिएशन
मप्र नर्सेस द्वारा सामूहिक अवकाश का जिला अस्पताल मुरार की सभी नर्सेस सर्मथन करती है । इसके बाद होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल में भी सभी नर्सेस शामिल रहेंगी ।
ज्योति शर्मा,  अध्यक्ष जिला अस्पताल नर्सेस एसोसिएशन
यह है इनकी मांगें
पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए । . कोरोना काल में शहीद हुए नर्सिंग स्टाफ के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने के साथ साथ 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया जाए । ऽ कोविंड .19 में नसेंस को सम्मानित करते हुए अग्रिम दो वेतन वृद्धि का लाभ उनकी सैलरी में लगाया जाए । 2018 के आदर्श नियमों में संशोधन कर 70: ए 80: एवं 90: का नियम हटाया जाए एवं प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कि जाए । सरकारी कॉलेजों में सेवारत रहते हुए नर्सेस को उच्च शिक्षा हेतु आयु बंधन हटाकर मेल नर्स को समान अवसर दिया जाए । कोरोना काल में अस्थाई रूप से भर्ती कि गईनर्सेस को नियमित किया जाए । प्राइवेट कम्पनी से लगाई गईनों को भी उनकी योग्यता के अनुसार नियमित किया जाए । मध्यप्रदेश में कार्यरत नर्सेस को एक ही विभाग में समान कार्य के लिए समान वेतन मान दिया जाए । वर्षों से लंबित पड़ी पदोन्नति को शुरू किया जाए । नर्सेस को डेजिग्नेशन प्रमोशन दिया जाए और अन्य राज्यो की तरह नर्सेस के पदनाम परिवर्तित किए जाएं । मेल नर्स की भर्ती की जाए।

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