नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल की ओर अगर हमारी 10 मांगें नहीं मानी तो करेंगे हड़ताल
ग्वालियर. मप्र में काम कर रहा नर्सिंग स्टाफ अपनी 10 मांगों को लेकर मिले आश्वासन से नाराज है। यही वजह है कि नर्सिंग स्टाफ ने प्रदेश स्तर पर आन्दोलन की ठान ली है। बुधवार को ग्वालियर में नर्सिंग स्टाफ ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध स्वरूप काम किया है। गुरूवार को भी यही प्रदर्शन जारी रहेगा।
इसके बाद शुक्रवार को पीपीई किट पहन कर धरना दिया जायेगा, 15 जून को 2 घंटे की हड़ताल कर काम बन्द किया जायेगा और इसके बाद भी शासन उनकी मांगों को नहीं मानता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर नर्सिंग स्टाफ चला जायेगा। हाल ही में जूनियर डॉक्टर ने प्रदेशस्तर पर हड़ताल की थी। जिसके बाद उनकी कुछ मांगों को माना गया है, पर नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में व्यवस्थायें और अधिक चरमरा जायेंगी।
यह है 10 मांगे
नर्सेस की मांगों को एक मंच पर लाकर समाधान किया जाए
पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए
कोरोना से जान गंवाने वाले नर्सिंग स्टाफ के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति, साथ ही 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्धा अवार्ड दिया जाए
कोविड के समय में काम के लिए नर्सेस को सम्मानित करते हुए अग्रिम दो वेतन वृद्धि का फायदा दिया जाए
वर्ष 2018 के आदर्श नियमों में संशोधन करते हुए 70% , 80% एवं 90% का नियम हटाया जाए, प्रतिनियुक्ति खत्म कर ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू की जाए
सरकारी कॉलेजों में सेवा देते समय नर्सेस को उच्च शिक्षा के लिए आयु सीमा बंधन को हटाया जाए।
कोरोना काल में अस्थाई रूप से भर्ती कि गई नर्सेस को नियमित किया जाए, प्राइवेट कंपनी से लगाई गई नर्स को भी उनकी योग्यता के अनुसार नियमित किया
नर्सेस को समान कार्य के लिए समान वेतन मान दिया जाए
प्रमोशन की जाए और नर्सेस को डेजिग्नेशन प्रमोशन दिया जाए, साथ ही अन्य स्टेट की तरह नर्सेस के पद नाम परिवर्तित किए जाएं
मेल नर्स की भर्ती की जाए

