अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लगा बड़ा झटका, टैरिफ को बताया गैर कानूनी
नई दिल्ली. अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बहुत बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का दुनिया के देशों पर लगाया टैरिफ गैरकानूनी है। सुप्रीम कोर्ट ने फसला सुनाया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नेशनल इमरजेंसी के लिये रखे गये कानून का उपयोग कर के बड़ टैफिर लगाकर अपने अधिकार का दुरूपयोग किया है।
कांग्रेस से नहीं ली डोनाल्ड ट्रम्प ने मंजूरी
रॉयटर्स के अनुसार चीफ जस्टिस जॉन रॉबटर््स ने फैसले में लिखा है कि राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की अपनी खास ताकत के दावे को सही ठहराने केलिये कांग्रस मिली साफ मंजूरी दिखानी होगी। अदालत ने आगे कहा है कि वह ऐसा नहीं कर सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ को सही ठहराने के लिये युद्ध के समय की इमरजेंसी शक्तियों का हवाला दिया। लेतकिन अदालत नेकहा है कि युद्ध के समय की शक्तियां टैरिफ के लिये आईईईपीए के उपयोग को सही नहीं ठकराती है। राष्ट्रपति के पास शांति काल में टैरिफ लगाने का कोई स्वाभाविक अधिकार नहीं है।
6 बनाम 3 के बहुमत से आया फैसला
6 बनाम 3 के बहुमत से आया सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला इमरजेंसी पावर्स लॉ के तहत लगाए गए टैरिफ से जुड़ा है, जिसे आधार बनाकर ट्रंप लगभग हर दूसरे देश पर बड़े “रेसिप्रोकल” टैरिफ़ लगाए है। यह ट्रंप के बड़े एजेंडा का पहला बड़ा हिस्सा है जो सीधे देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने आया था.ज़्यादातर जजों ने फैसले में कहा कि संविधान “बहुत साफ़ तौर पर” कांग्रेस को टैक्स लगाने की पावर देता है, जिसमें टैरिफ भी शामिल है। चीफ़ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा, “संविधान बनाने वालों ने टैक्स लगाने की पावर का कोई भी हिस्सा एग्ज़ीक्यूटिव ब्रांच को नहीं दिया था।”
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