मप्र में कर्मचारियों को मार्च में मिलेगा सातवें वेतनमान का बकाया 75 प्रतिशत एरियर
भोपाल. मध्य प्रदेश के साढ़े चार लाख से ज्यादा नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के बकाया एरियर का 75 प्रतिशत हिस्सा मार्च में दिया जा सकता है। वित्त विभाग ने नीतिगत निर्णय के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के सामान्य भविष्य निधि खातों में राशि जमा कराई जाएगी जबकि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 50 प्रतिशत राशि नकद और शेष राशि सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा कराई जाएगी।
प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को देखते हुए सातवें वेतनमान के एरियर्स की अंतिम किस्त का भुगतान स्थगित कर दिया था। मई 2020 में यह भुगतान किया जाना था। मुख्यमंत्री ने एरियर्स की 25 प्रतिशत राशि का भुगतान पिछले साल करा दिया था। बाकी राशि को लेकर नीतिगत निर्णय लिया जाना शेष है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एरियर्स का भुगतान तीन किस्तों में होना था। पहली दो किस्तें दी जा चुकी है अब अंतिम किस्त के बकाया 75 प्रतिशत का भुगतान करना है। बताया जा रहा है कि मार्च में भुगतान को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। एरियर का भुगतान करने के लिए 11 सौ करोड़ रुपये लगेंगे।
जानकारों का कहना है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। वैट, पंजीयन एवं मुद्रांक, खनिज, आबकारी सहित अन्य माध्यमों से होने वाली आय बढ़ी है। जीएसटी का भुगतान भी प्राप्त हो रहा है। ऋण लेकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है।
