आकार ले रहे बायपास के 2 लाभ, ग्वालियरवासियों के खुलेंगे व्यापार के रास्ते
ग्वालियर- शहर के विकास को नई रफ्तार देने वाली वेस्टर्न बायपास परियोजना आने वाले समय में ग्वालियर की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है। करीब 1347 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 28.5 किमी लंबा पश्चिमी बायपास शहर के बाहरी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह बायपास जिन ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरेगा वहां कारोबार के नए रास्ते भी खुलने की संभावना है।
13 अंडरपास से बेहतर होगा संपर्क
परियोजना में करीब 13 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों के आवागमन और सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। साडा के क्षेत्र में बायपास के बाद लंबी दूरी के मालवाहक वाहनों की पनिहार के पास निकासी आएगी। बेहतर सड़क संपर्क से बायपास के आसपास के गांवों पनिहार, छौंड़ा, अटल गेट से कुलेथ साड़ा से तिवारी होते हुए देवखो के पास से होते हुए पनिहार के पास निकलेगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गांवों में बढ़ेंगी आर्थिक गतिविधियां
बायपास का फायदा केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। इसके आसपास के गांवों में परिवहन, गोदाम, दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होने की संभावना है। इससे बेहतर सड़क संपर्क मिलने से कृषि उत्पादों और अन्य सामान की ढुलाई आसान हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने और क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा।
