तहसील कार्यालय से फाईल चोरी का मामला, वीडियों में दिखा फाइल लेकर जा रहा था, तहसीलदार के बंगले में निवास करता है, की गयी FIR

ग्वालियर. भितरवार तहसील कार्यालय के फर्जी क्लर्क की फाइल चोरी करने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो भी अब सामने आया है। घटना 9 अक्टूबर की है। जांच में चोरी की पुष्टि के बाद 4 नवम्बर को भितरवार थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। अधिकारी पुरान रिकॉर्ड का भी मिलान कर रहे है। भितरवार एसडीओपी गगन हनवत ने बताया है कि तहसील कार्यालय से शासकीय दस्तावेज चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसके आधार पर अपराध दर्ज किया गया है। भितरवार के तहसील कार्यालय में अनाधिकृत रूप से काम कर रहा प्रेम नारायण दुबे ग्राम दुबहा की शासकीय खतौनी ले जाते हुए साथी कर्मचारियों ने पकड़ा था। उसके बैग से कई अहम दस्तावेज भी मिले थे। आरोपी तहसील में अस्थाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था।
आरोपी तहसीलदार के बंगले में रहता है
प्रेम नारायण दुबे के बारे में आपको बता दें कि करीब 20 वर्षो से तहसील में अनाधिकृत तौर पर काम कर रहा था। तहसीलदार के बंगले में ही रहता है। नकल शाखा में नकल बनाने का काम करता है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठा खड़ा हुआ है। उसने इन पिछले वर्षो में कितने गोपनीय सरकारी दस्तावेजों, जमीनों के सर्वे नंबरों और खतौनी के साथ हेरफेर किया होगा।
क्या है पूरा मामला
9 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। इस वक्त तहसील कार्यालय की नकल रिकॉर्ड शाखा बंद की जा रही थी, तब प्रधान प्रतिलिपिकार सुनील चंद्रवंशी ने वहां कार्य कर रहे प्रेम नारायण दुबे के पास पहुंचे। उन्हें देखते ही दुबे सकपका गए। उनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर सुनील चंद्रवंशी को उनकी गतिविधि संदिग्ध लगी। दुबे बार-बार बैग की तरफ देख रहा था। उन्होंने जब बैग के बारे में पूछा तो दुबे बैग उठाकर जाने लगा। चंद्रवंशी ने बैग की तलाशी ली तो उसमें ग्राम दुबहा की मूल खतौनी मिली। उन्होंने घटना की सूचना नायब तहसीलदार वृत्त सांखनी को दी। इसके बाद नायब तहसीलदार महाराज सिंह सगर से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई गई।
कब क्या हुआ
9 अक्टूबर 2026 की शाम 6:00 बजे चोरी की घटना
9 अक्टूबर को रात्रि 8:00 बजे अधिकारियों को अवगत कराया गया
12 अक्टूबर को नकल शाखा के प्रधान प्रतिलिपिकार द्वारा लिखित में आवेदन और पंचनामा तहसीलदार को सौंपा गया।
30 अक्टूबर को नायब तहसीलदार महाराज सिंह सगर ने जांच रिपोर्ट सौंपी। एसडीएम ने जिला कलेक्टर रुचिका चौहान से अनुमति लेने के बाद 4 नवंबर को थाने में एफआईआर के लिए पत्र भेजा।
4 नवंबर को प्रेम नारायण दुबे के खिलाफ अपराध हुआ।

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