चीता की मौत के मामले में 4 वनकर्मी सस्पेंड, ट्रैकिंग में लापरवाही पर कार्रवाई
कूनो. मादा चीता निर्वा के शावक की गोली मारकर हत्रूा के मामले में वन विभाग ने बडी कार्रवाई की है। चीते की सुरक्षा और निगरानी ट्रैकिंग में गंभीर लापरवाही सामने आने पर ग्वालियर सीसीएफ ने चार वनकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें विजयपुर क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी जाहर सिंह गौड, मुरैना के पहाडगढ-कैलारस रेंजर आकाश तोमर, कन्हार चौकी प्रभारी डिप्टी रेंजर कीर्ति शांडिल्य और नाकेदार निदेश मरैया शामिल है। जानकारी के अनुसार 27 अक्टूबर को मादा चीता निर्वा के शावक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ ने तीन संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि वारदात में इस्तेमाल की गई बंदूक अभी तक बरामद नहीं हो सकी है।

पहाडगढ क्षेत्र में मिली थीं खून की तीन बूंदें
इस मामले में पहाडगढ क्षेत्र में चीते के खून की तीन बूंदें मिलने की बात सामने आई है। वन विभाग ने इस चीते की निगरानी और ट्रैकिंग में गंभीर लापरवाही माना है। इसी आधार पर संबंधित वनकर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
बंदूक की तलाश में जुटी एसटीएफ
चीते की गोली मारकर हत्या के मामले में एसटीएफ तीन संदेहियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी वारदात में इस्तेमाल हथियार की तलाश में भी जुटी है। फिलहाल बंदूक बरामद नहीं होने से मामले की जांच जारी है।
