कूनो के 2 चीते टपरी में घुस कर 2 बछड़ों का किया शिकार, पति-पत्नी ने भागकर बचाई जान
श्योपुर. मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल से निकलकर 2 चीते एक गांव में जा घुसे और उन्होंने 2 बछड़ों का शिकार कर दहशत फैला दी। इतना ही नहीं, घर में बंधे बछड़ों के पास सो रहे पति-पत्नी ने भाग कर अपनी जान बचाई। घटना के समय गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चीता ट्रेकिंग टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों का डर कम किया। वन विभाग ने पीडि़त ग्रामीण को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
घटनाक्रम श्योपुर जिले के बमोरी गांव की है। जहां रविवार की अल सुबह लगभग 5 बजे 2 चीते एक घर की टपनरी में घुस गये। उन्होंने 2 बछड़ों को शिकार कर मार डाला।घटना के समय पशुपालक सोमलावीर सिंह अपनी के साथ उसी टपरी में खटिया डालकर सो रहे थे। उनके पास ही दोनों बछड़े बंधे हुए थे ।सोमला के अनुसार, सुबह-सुबह चीतों ने बछड़ों पर हमला कर दिया। जिससे अफरा-तफरी मच गयी ।चीतों को सामने देख पति-पत्नी घबराकर खटिया से उठे और दूर भागकर अपनी जान बचाई।
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि गांव और आसपास के खेतों में वन विभाग की टीम की गश्त तुरंत बढ़ाई जाए. पीड़ित पशुपालक सोमला वीर सिंह को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए है।
प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने ‘आजतक’ को फोन कॉल पर बताया कि बमोरी गांव में चीतों के शिकार की घटना सामने आई है. चीतों के साथ हमारी ट्रैकिंग टीम 24 घंटे रहती है. चीता मानव पर हमला नहीं करता. किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. पशु पालक को बछड़ों के शिकार का निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा.
यहां बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में 53 चीते हैं, जिनमें से 40 का जन्म भारत में हुआ है। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या 59 हो गई है। इनमें गांधी सागर अभयारण्य में 4 और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते है। कूनो के खुले जंगल में फिलहाल 15 चीते घूम रहे है।
