डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 55 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा,3 आरोपी गिरफ्तार
लगभग 20 लाख रुपये की राशि होल्ड
भोपाल, मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 55 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की राशि में से लगभग 20 लाख रुपये होल्ड कराने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपियों को हैदराबाद तथा एक आरोपी को धारवाड़, कर्नाटक से गिरफ्तार किया है।
प्रकरण में फरियादी, जो कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं और वर्तमान में रतलाम में रह रहे थे, को 15 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर स्वयं को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया गया। कॉल करने वाले ने मोबाइल नंबर के कथित आपराधिक उपयोग तथा पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े व्यक्ति से बातचीत जैसे गंभीर आरोप लगाकर फरियादी को भयभीत किया।
प्राइवेट कंपनी के नाम से था खाता
जांच के दौरान एक्सिस बैंक के खाते में व्यवसायी द्वारा जमा कराए गए। 35 लाख रुपए का पता चला। बैंक से जानकारी ली तो उक्त खाता SRI VENKATESHWARA PRI LIMITED नामक कंपनी से संबंधित था।
खाते और कंपनी से संबंधित जानकारी के आधार पर पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची। आरोपी कोडारी वेंकटेश से पूछताछ कर गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान बैंक खाते से संबंधित जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने धारवाड़, कर्नाटक से अशोक अन्यया को गिरफ्तार किया।
दूसरे स्तर की जांच में सामने आया कि उक्त खातों में से एक अन्य के खाते में 5,00,084 रुपए ट्रांसफर हुए। संबंधित खाता धारत आरोपी मीर यूसुफ को भी पुलिस गिरफ्तार कर रतलाम लेकर आई।
पुलिस अब इनका कोर्ट से रिमांड लेकर राशि प्राप्त करने, निकालने एवं आगे रुपए पहुंचाने में शामिल व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी।
इन्हें किया गिरफ्तार
कोडारी वेंकटेश पिता राजन्ना कोडारी तेलंगाना।
अशोक अन्यया मराठा कॉलोनी धारवाड़ कर्नाटक।
मीर यूसुफ पिता मीर आजम निवासी चार मीनार मदीना नगर हैदराबाद।
