एलिवेटेड कॉरिडोर-रामदास घाटी से शिंदे की छावनी होते हुए प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए नाप-तौल शुरू
ग्वालियर. एलिवेटेड कॉरिडोर के तहत रामदास घाटी से शिंदे की छावनी होते हुए अंबेडकर पार्क तक प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए नाप-तौल का काम शुरू हो गया है। इस दौरान वे निर्माण चिन्हित किए जाएंगे, जो फ्लाईओवर निर्माण में बाधक बनेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 150 मकान प्रभावित होंगे और वहीं आने वाले समय में रामदास घाटी से शिंदे की छावनी तक की सड़क का चौड़ीकरण भी होना है। जिस कारण कुल 250 मकान तोड़फोड़ के दायरे में आएंगे। सड़क चौड़ीकरण का काम फ्लाईओवर निर्माण के बाद किया जाना प्रस्तावित है। पहले सड़क का काम होने वाला था लेकिन फ्लाईओवर निर्माण से सड़क खुदती और खराब हो जाती। इसलिए अब सड़क को फ्लाईओवर के बाद ही बनाया जाएगा।
अफसर बोले-कंपनी तैयार कर रही है ग्राउंड रिपोर्ट
पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग के कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव का कहना है कि मानसिक आरोग्यशाला और अंबेडकर पार्क फ्लाईओवर को लेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ताकि वहां निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बाकी सभी प्रक्रिया पूरी हों और बाधाएं हटाई जा सकें। इसके लिए कंपनी ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
पहले चरण में फ्लाईओवर और दूसरे चरण में रोड चौड़ीकरण का काम होगा
शिंदे की छावनी, रामदास घाटी पर बनने वाले इस फ्लाईओवर की लंबाई लगभग करीब 2.6 किमी रहेगी। अब इस काम की शुरुआत होने जा रही है। निर्माण, पिलर व लूप के काम के कारण कई जगह सड़क की उपलब्ध चौड़ाई घट रही है। रामदास घाटी-शिंदे की छावनी पहले से संकरा और व्यस्त मार्ग है। इसलिए इस सड़क को चौड़ीकरण की भी योजना है। इसलिए दो चरणों में इसमें बाधित अतिक्रमण को हटाना बड़ी चुनौती है।
1 जगह खाली, फिर मकानों पर संकट क्यों?
इस फ्लाईओवर को लेकर स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। फ्लाईओवर न बनाए जाने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं। लोगों का तर्क है कि जब नैरो गेज ट्रैक के रूट वाली जगह सड़क के लिए खाली जगह उपलब्ध है तो फिर मकानों को फ्लाईओवर या सड़क के लिए तोड़ना गलत है। यदि इस रूट पर सड़क भी बनती है तो करीब 1 हजार से ज्यादा मकानों की तोड़फोड़ होगी।
2 संकरी सड़क और जाम: फ्लाईओवर से मिलेगी राहत…
इस फ्लाईओवर का निर्माण मानसिक आरोग्यशाला के पास से अंबेडकर पार्क तक होगा। ये रूट ग्वालियर से पुरानी छावनी, आनंद नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, मुरैना रूट के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए यहां हर घंटे में 5 हजार से 5500 वाहनों का ट्रैफिक लोड रहता है। वहीं सड़क संकरी के कारण इस पूरे रूट पर ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकेगी।
3 15 के बाद हटेंगे 316 दुकान-मकान…
दूसरे चरण में गिरवाई से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक चल रहे काम के लिए लश्कर क्षेत्र में 15 अक्टूबर के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। हनुमान बांध से छप्परवाले पुल तक 316 दुकान व मकान हटाए जाने हैं। इसमें भैंस मंडी में लगने वाली पूरी बक्सा मार्केट भी शामिल है जिसके लिए तहसील से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। बीते दिनों एक स्थान पर अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। जिस कारण कार्यवाही नहीं हुई।
