तिघरा जलाश्य पर निर्भरता होगी कम, शहरवासियों को रमौआ बांध से 3 लाखों को मिलेगा पेयजल, रमौआ, हरसी हाईलेवल नहर से है जुडा
ग्वालियर. रमौआ जलाश्य के नजदीक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। हरसी हाईलेवल नहर से जुड़े होने की वजह से रमौआ जलाश्य पर यह पहला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार होगा। नगरनिगम ने यहां अभी क्लियर वांटर संप के लिये 1135 के लिये 1135 वर्ग मीटर में खुदाई शुरू कर दी गयी है। प्लांट का निर्माण जून 2028 तक पूरा होने का अनुमान है। यहां से 45 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) पेयजल के मानकों के हिसाब से फिल्टर का 3 लाख की जनसंख्या को सप्लाई किया जायेगा। 110 वर्षो के बाद तिघरा बांध से निर्भरता कम करने की योजना जमीन पर दिखाई देने लगी है।नगरीय क्षेत्र में तिघरा बांध के बाद रमौआ बांध दूसरा होगा जहां के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में शहर की जनता कर सकेगी। अभी तक तिघरा बांध से पानी शहर के 60 वार्डों में विभिन्न स्थानों पर चार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (जलालपुर, तिघरा प्लांट, मोतीझील में दो प्लांट) से पानी सप्लाई की किया जा रहा है।
पेयजल वितरण- बांध से भरेंगी नौ पानी की टंकियां, 232 किमी लाइन डलेगी
नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लाभ ग्वालियर पूर्व और ग्रामीण विस के वार्डवासियों को होगा। खासतौर से वार्ड 60, 61 और 62 में पानी 9 टंकियों से पेयजल सप्लाई होगी।
निगम रमौआ, नैनागिर, बड़ागांव, लाल टिपारा, खेरिया पदमपुर, भटपुरा-जहांगीरपुर में पानी की टंकियों का निर्माण करेगा। डाउट पर बनी पानी की टंकी को भी रमौआ बांध के पानी से भरा जाएगा।
पानी की टंकियों को प्लांट से भरने के लिए 17 किलोमीटर राइजिंग मेन लाइन डाली जाएगी। इन टंकियों से घरों तक पानी पहुंचाने 215 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डाली जाएगी।
₹11 करोड़ में बनेगा WTP
ये प्लांट 135 लीटर के स्थान पर 150 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन उपयोग के हिसाब से तैयार होगा। इसके निर्माण में 11 करोड़ रुपए डब्ल्यूटीपी खर्च होंगे।
क्लियर वाटर संप के लिए खुदाई जारी
तिघरा का मददगार होगा रमौआ का डब्ल्यूटीपी… अभी निगम तिघरा बांध से पानी सप्लाई कर रहा है। रमौआ बांध पर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। हमारा पूरा प्रयास है कि यह निर्माण समयसीमा में पूरा कराया जाए। इस वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के बनने से शहर में जल वितरण और ज्यादा लोगों तक किया जा सकेगा।
अभिषेक चौधरी, आयुक्त नगर निगम ग्वालियर
