कार्यकर्ता बैरिकड्स पर चढ़े तो पुलिस ने चलाई वाटर कैनन, कांग्रंेस कार्यकर्ता बने मुख्य चुनाव आयुक्त को जंजीरों से बांधा, पुलिस-कांग्रेस कार्यकर्ताओं से हुई धक्का-मुक्की

पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए। कार्यकर्ताओं को रोकने पुलिस ने वाटर कैनन छोड़ा। - Dainik Bhaskar
भोपाल. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की अगुआई में कार्यकर्त्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर के जरिये बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जा रहे है।
प्रदर्शन के बीच पुलिस-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिये वाटर कैनन चलाया और बाद में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार बस में बैठाया गया। एक कार्यकर्ता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहन कर स्वयं का जंजीरों से बांध रखा था। जीतू पटवारी-उमंग सिंघार उस जंजीर को पकड़े दिखाई दिये। कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़’’ के नारे लगाये।

‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के पोस्टर लेकर पहुंचे।
नेताओं ने क्या कहा
दिग्विजय सिंह (पूर्व मुख्यमंत्री)
आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के संगठन की तरह काम कर रहा है। SIR के जरिए करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा किया। कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR से जुड़े फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई थी।
जीतू पटवारी (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 130 से 160 सीटें मिलने का माहौल था, लेकिन वह 65 सीटों पर सिमट गई। चुनाव में ‘मेनिपुलेशन’ का आरोप लगाया। शिवराज सिंह चौहान के PM मोदी को ‘युग पुरुष’ बताने पर उनके नार्को टेस्ट की मांग की। मोहन यादव को ‘पर्ची का मुख्यमंत्री’ कहा। बालाघाट, कफ सिरप और शराब से हुई मौतों का हवाला देकर CM पर भी निशाना साधा।
हरीश चौधरी (प्रदेश कांग्रेस प्रभारी)
कांग्रेस की सरकार बनाने की लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। SIR को गैरकानूनी बताते हुए सवाल किया कि अधिकार नहीं होने पर CEC के आदेश से नाम कैसे काटे जा सकते हैं। आरोप लगाया कि मोहन यादव वोट चोरी से मुख्यमंत्री बने।
सज्जन सिंह वर्मा (पूर्व मंत्री)
MP में SIR के जरिए 43 लाख वोट काटे गए। आरोप लगाया कि इन्हीं वोटों से 2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव में BJP को फायदा हुआ और चुनाव के बाद वोट काट दिए गए। ज्ञानेश कुमार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अजय सिंह राहुल (पूर्व नेता प्रतिपक्ष)
EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। कहा कि वोट चोरी की शुरुआत 2013 से हुई और सभी राजनीतिक दलों को बैलेट पेपर की मांग पर एकजुट होना चाहिए।
कांतिलाल भूरिया (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
EVM से चुनाव होने पर बहिष्कार की बात कही। चुनाव आयोग और BJP पर लोकतंत्र व संविधान को कमजोर करने के आरोप लगाए।
आरिफ मसूद (विधायक)
कांग्रेस इस मुद्दे पर मजबूती से संघर्ष कर रही है और लड़ाई निर्णायक होगी। पुलिस से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेड नहीं लगाने की अपील की।
सिद्धार्थ कुशवाह (सतना विधायक)
दतिया उपचुनाव के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि भाजपा के पुराने पन्ना प्रभारियों के जरिए वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए मतदाताओं को चिन्हित किया गया।

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