चुनाव आयोग बोला-विचारों का मतभेद सामान्य है बात
नई दिल्ली. मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेद की रिपोर्ट के बीच अब ईसीआई ने विस्तृत बयान जारी किया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 324 कानून और तय संस्थागत परंपराओं के तहत काम करने वाला संवैधानिक निकाय है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि लिखित नोट, टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच-पड़ताल उसकी सामान्य कार्यप्रणाली का पार्ट है।
चुनाव आयोग के अनुसार आयोग के सदस्य किसी मुद्दे पर ड्राफ्ट तैयार होने दौरान सवाल उठा सकते है। स्पष्टीकरण मांग सकते है या सुझाव दे सकते हैं। इसका मकसद चुनावी प्रक्रिया को और बेहतर बनाना और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा करना है। चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां किसी भी संस्था ने अंतिम फैसला लेने से पहले होने वाली सामान्य प्रक्रिया है।
