नेशनल हाईवे लगाये जायेंगे स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम, रूकेगी दुर्घटनायें, 4500 Km लम्बे नेटवर्क को मिलेगा लाभ

ग्वालियर. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर स्ट्रीट लाइटिंग की मॉनिटरिंग को स्मार्ट बनाने जा रहा है। इसके लिये सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS लागू किया जा रहा है। नयी व्यवस्था में लाइट खराब होते ही उसकी लोकेशन के साथ अलर्ट सीधे कंट्रोल रूम पहुंचेगा। इसका लाभ मध्यप्रदेश के लगभग 4500 किमी लम्बे नेशनल हाईवे नेटवर्क को भी मिलेगा। मध्यप्रदेश में लगभग 8 हजार किमी स्टेट हाईवे भी है। नयी व्यवस्था स लाइटों की मॉनिटरिंग और रख-रखाब पहले के मुकाबले आसान होगा।

टेंडर प्रक्रिया शुरू
एनएचएआई के जनरल मैनेजर अजय स्वामी ने बताया है कि भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने सीसीएमएस स्थापित करने के लिये टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईवे पर यह सिस्टम लागू किया जायेगा।
सूर्यास्त-सूर्योदय के अनुसार लाइटें ऑन-ऑफ
सीसीएमएस के माध्यम से हाईवे की लाइटें सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार अपने आप बंद और चालू होगी। देर रात यातायात कम होने पर लाइटों को डिम किया जा सकेगा। इससे बिजली की खपत कम होगी। अगर कोई लाइट खराब होती है तो सिस्टम सेंन्ट्रल सर्वर या मोबाइल एप पर तत्काल अलर्ट भेजेगा। इसमें मेंटेनेंस टीम को खराब लाइट और पोल की लोकेशन की जानकारी मिल जायेगी। नयी व्यवस्था में हर कॉरिडोर की स्ट्रीट लाइट का कंट्रोल बॉक्स का जोड़ा जायेगा। लाइट खराब या बंद होने पर उसकी सटीक लोकेशन का डेटा 5जी नेटवर्क क माध्यम से मैप पर अलर्ट के रूप में दिखाई देगा। सीसीएमएस फीडर पैनल में 3 फेज एनर्जी मीटर लगाया जायेगा। इससे वोल्टेज, करंट, पॉवर फैक्टर और बिजली की बचत की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। सप्लाई बाधित होने या ट्रिपिंग की जानकारी भी तत्काल मिलेगी।
नेटवर्क जाने पर हार्डवेयर टाइमर करेगा काम
NHAI मुख्यालय से केंद्रीय सर्वर के जरिए पूरे नेटवर्क की निगरानी की जाएगी। स्ट्रीट लाइटिंग या संचार व्यवस्था में खराबी आने पर संबंधित एजेंसी को अधिकतम 48 घंटे के भीतर सिस्टम पूरी तरह बहाल करना होगा।अगर 5G नेटवर्क या संचार व्यवस्था ठप होती है, तब भी हाईवे की लाइटिंग जारी रखने के लिए स्वतंत्र ‘हार्डवेयर टाइमर’ का बैकअप दिया गया है।
अजय कुमार स्वामी के मुताबिक, स्मार्ट CCMS से हाईवे की स्ट्रीट लाइटों की लाइव मॉनिटरिंग के साथ बिजली की बचत और खराबी का जल्द सुधार सुनिश्चित होगा। किसी भी खराबी को 48 घंटे के भीतर ठीक कराया जाएगा, ताकि राहगीरों को सुरक्षित यातायात मिल सके।
