LNIPE के छात्रों धरना 7वें दिन भी जारी, लिखित आश्वासन के बाद ही हटेंगे, 5 छात्र बीमार

ग्वालियर. लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजीकल एज्यूकेशन (LNIPE) के गुवाहाटी परिसर की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगा रहे छात्रों का धरना 7वें दिन भी जारी है। छात्रा श्रुति का न्याय दिलाने, संस्थान की जवाबदेही तय करने और अपनी 6 मांगों को लेकर परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने बताया है कि जब तक सभी मांगों को स्वीकार करने और पूरा करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता है तब तक आन्दोलन जारी रहेगा।
इस दौरान धरना पर बैठे छात्र सचिन द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि शुरूआत में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पानी सहित कुछ बुनियादी सुविधायें मिल रही थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इनमें कटौती कर दी गयी है। छात्रों के समर्थन में लगाये गये 3-4 टेंट भी पुलिस-प्रशासन के दवाब में हटवा दिये गये है। छात्रों का आरोप है कि टेंट लगाने वाले व्यक्ति को धमकाकर उन्हें हटवाया गया। वहीं, छात्रों का कहना है कि परिसर में टें टलगाने की अनुमति होने की बात उन्हें बताई गयी थी।

चार-पांच छात्र बीमार, वर्षा -धूप में धरना
छात्रों के अनुसार वह पिछले 7 दिनों से वर्षा, धूप और बदलते मौसम के बीच धरना पर बैठे हैं। इस बीच लगभग 4-5 छात्र वायरल और अन्य मौसमी बीमारियों की चपेट में आ चुके है। कुछ छात्रों को उपचार के लिये अस्पताल भी ले जाना पड़ा है। छात्रों ने बताया है कि आन्दोलन के शुरूआती दिनों में पानी और अन्य आवश्यक सुविधायें उपलब्ध थी। लेकिन अब इन पर भी रोक लगाई जा रही है।
छात्रों की 6 प्रमुख मांगें
छात्र श्रुति की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने और उसके परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा आंदोलन में शामिल छात्रों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की मांग है। छात्रों का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों को अटेंडेंस या किसी अन्य आधार पर टारगेट नहीं किया जाना चाहिए। बाकी मांगों में संस्थान की जवाबदेही तय करने और मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
