ग्वालियर में लंपी वायरस का कहर, चार दिन में 23 गोवंश की मौत
ग्वालियर. ग्वालियर मे लंपी स्किन डिजीज गोवंश के लिए एक गंभी समस्या बन गई है। सडकों और चौराहों पर लंपी से संक्रमित गायें खुले में घूमती और कई जगह तडपती दिख रही है। नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है क्योंकि संक्रमित पशुओं को रेस्क्यू कर आइसोलेशन सेंटर तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। पिछले चार दिनों में लंपी से संक्रमित 23 गोवंश की मौत हो चुकी है। इनमें ग्राम रतवाई स्थित आईसोलेशन सेंटर में इलाज के लिए भर्ती गायें भी शामिल है। गुरूवार को भी दो गंभीर गायों ने इलाज के दौरान दम तोड दिया।

21800 गोवंश का टीकाकरण हुआ
नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग का दावा है कि संक्रमण रोकने के लिए बडे पैमाने पर टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक करीब 12800 गोवंश का टीकाकरण किए जाने की बात बताई जा रही है। इसके बावजूद शहर में कई संक्रमित पशु खुले में दिख रहे है। ऐसे में चिंता यह है कि अगर बीमार पशुओं को समय पर अलग नहीं किया गया तो संक्रमण और फैल सकता है।
4 दिन में 23 मौतों ने बढाई चिंता
लंपी वायरस की चपेट में आने वाले पशुओं में तेज बुखार, शरीर पर गांठे, कमजोरी और खाना-पीना छोडने जैसे लक्षण दिखते हैं। गंभीर स्थिति में पशु उठने-बैठने में भी असमर्थ हो जाता है। ग्वालियर में पिछले चार दिनों में 23 गोवंश की मौत ने पशुपालकों और पशु प्रेमियों की चिंता बढा दी है। नगर निगम ने लंपी से संक्रमित पशुओं के लिए एक अलग आइसोलेशन सेंटर बनाया है। ग्राम रतवाई स्थित गोशाला को इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को यहां लाकर इलाज और निगरानी की व्यवस्था है।
