साइबर सेल की इंस्पेक्टर बच्चे की कस्टडी लेने पहुंची हाईकोर्ट, इंस्पेक्टर ने आयकर अधिकारी पति पर बेटे को बंधक बनाने का लगाया आरोप

ग्वालियर. राज्य साइबर सेल में पदस्थ महिला इंस्पेक्टर (टीआई) वर्षा सिंह और उनके आयकर अधिकारी पति उमेश यादव के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच तक पहुंच गया है। महिला टीआई ने अपने 7 वर्षीय बेटे को पति द्वारा अपने पास रखने जाने और उससे मिलने नही ंदेने का आरोप लगाते हुए बंद प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर की है।
प्रकरण की सुनवाई के बीच हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गुरूवार की सुबह पुलिस टीम आयकर अधिकारी के निवास पर पहुंची और बच्चे को अपने साथ लेकर हाईकोर्ट में पेश किया गया। अब बच्चे की कस्टडी को लेकर न्यायालय में आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
क्या है मामला
शब्द प्रताप आश्रम निवासी टीआई वर्षा सिंह और उनके पति उमेश यादव के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। वर्षा सिंह का आरोप है कि उनके पति ने 7 वर्षीय बेटे को अपने पास रखा है और उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे अवैध निरोध बताते हुए बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने बच्चे को पेश करने के निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार सुबह पुलिस टीम आयकर अधिकारी के निवास पर पहुंची और बच्चे को दस्तयाब कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
कस्टडी को लेकर सुनवाई
बच्चे को हाईकोर्ट में पेश किये जाने के बाद अब उसकी कस्टडी किसके पास रहेगी, इसे लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। फिलहाल मामला पति-पत्नी के बीच बच्चे की कस्टडी का लेकर चल रहे विवाद पर केन्द्रित है।
मामला एक नजर में
याचिकाकर्ता:               वर्षा सिंह, टीआई, राज्य साइबर सेल
पति:                            उमेश यादव, आयकर अधिकारी
विवाद:                        7 वर्षीय बेटे की कस्टडी
याचिका:                     बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)
कार्रवाई:                     पुलिस ने बच्चे को कोर्ट में पेश किया

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