ग्वालियर नगर निगम सदन में हंगामा, एजेंडा फाड़ा
ग्वालियर. नगर निगम का विशेष सम्मेलन शहर की समस्याओं पर चर्चा के बजाय सियासी हंगामे का अखाडा बन गया। जलभराव और बदहाल सडकों के मुद्दे पर भाजपा पार्षदों का गुस्सा फूट पडा। पार्षद बृजेश श्रीवास और आशा चौहान ने बैठक का एजेंडा फाडकर विरोध जताया। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने सभापति की आसंदी को घेर लिया। हंगामा बढने पर बैठक को तीन बार स्थगित करना पडा। पार्षदों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बोरी-बिस्तर लेकर सदन में ही धरने पर बैठेंगे।

जलभराव से शहर के कई इलाकों में परेशानी
पार्षदों का आरोप था कि निगम की बैठकों में शहर की समस्याओं के समाधान के लिए आदेश तो दिए जाते है लेकिन उनका असर जमीन पर दिखाई नहीं देता। जलभराव से शहर के कई इलाकों में परेशानी है और सडकें गड्ढों में तब्दील है। ऐसे में केवल बैठकों और आश्वासनों से समस्या दूर नहीं होगी। इसी बात को लेकर पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए है।

विरोध के दौरान भाजपा पार्षद सभापति की आसंदी तक पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी व विरोध किया। स्थिति बिगडती देख सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पडी। पार्षदों ने कहा कि जब तक जलभराव और सडकों की समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं महापौर शोभा सिकरवार ने भाजपा पार्षदों के हंगामे पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद जान बूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करते है। एजेंडे पर चर्चा करने के बजाय दूसरे मुद्दे उठाए जाते है और अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है।
